आयशा खान को मुंबई में NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया। जानिए एक्ट्रेस का दावा, मुंबई पुलिस का पक्ष और पूरा मामला।
मुंबई में NEET पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच अभिनेत्री आयशा खान चर्चा का विषय बनी हुई हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में आयशा ने दावा किया है कि वह केवल छात्रों के समर्थन में मौके पर पहुंची थीं और किसी तरह का प्रदर्शन शुरू नहीं किया था। इसके बावजूद उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बाद में मुंबई पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।
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‘मैं सिर्फ सड़क पर खड़ी थी’
वायरल वीडियो में आयशा खान कहती नजर आती हैं कि वह शांतिपूर्वक सड़क पर खड़ी थीं और उन्होंने न तो कोई नारा लगाया और न ही प्रदर्शन शुरू किया। उनका कहना है कि अचानक कुछ महिला पुलिसकर्मी उनके पास आईं और बिना कोई स्पष्ट कारण बताए उन्हें हिरासत में ले लिया।
वीडियो में उनके साथ मौजूद एक युवक भी दावा करता है कि उसे भी बिना किसी वजह के पुलिस अपने साथ ले गई, जबकि उसका उसी दिन परीक्षा का प्रैक्टिकल था।
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महिला पुलिसकर्मियों पर लगाए गंभीर आरोप
एक अन्य वीडियो में आयशा खान को पुलिस वैन में बैठाते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान वह लगातार पुलिस से पूछती हैं कि उन्हें किस आधार पर हिरासत में लिया जा रहा है और कहां ले जाया जा रहा है। आयशा का आरोप है कि उनके किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया गया।
इंस्टाग्राम वीडियो में साझा किया पूरा अनुभव
हिरासत से रिहा होने के बाद आयशा खान ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने बताया कि वह NEET छात्रों के समर्थन में पहुंची थीं, लेकिन उन्होंने कोई विरोध प्रदर्शन शुरू नहीं किया था।
आयशा के मुताबिक, पुलिस ने पहले उनके भाई और दोस्तों को वैन में बैठाया और फिर उन्हें भी महिला पुलिसकर्मियों ने जबरन पुलिस वाहन में बैठा दिया। उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने की वजह नहीं बताई।
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‘हमारी गलती क्या थी?’
आयशा ने बताया कि उन्हें दादर से वर्ली पुलिस स्टेशन ले जाया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस स्टेशन में मौजूद अधिकारियों का व्यवहार ठीक था, लेकिन उनका सवाल अब भी यही है कि जब उन्होंने कोई कानून नहीं तोड़ा और प्रदर्शन शुरू भी नहीं किया था, तो उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया।
मुंबई पुलिस का पक्ष
मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, आयशा खान को आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसी दिन शाम करीब 6 बजे वर्ली पुलिस स्टेशन से रिहा कर दिया गया था।
उर्फी जावेद ने भी जताया समर्थन
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर उर्फी जावेद ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही कई लोगों को हिरासत में लिया जा रहा था।
उर्फी ने कहा कि शिवाजी पार्क के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल और कई पुलिस वैन मौजूद थीं। उनके अनुसार, छात्र शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र हो रहे थे, लेकिन उन्हें प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही रोक दिया गया।
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क्या है पूरा मामला?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP के बैनर तले विरोध प्रदर्शन जारी है। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र हिस्सा ले रहे हैं और कई कलाकार व सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भी उनके समर्थन में सामने आए हैं।
20 जुलाई को आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर बहस तेज हो गई। इसी दौरान मुंबई में हुई कार्रवाई और आयशा खान के वायरल वीडियो ने इस मुद्दे को और अधिक चर्चा में ला दिया। हालांकि, मामले को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

