Australia ODI Team: साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम घोषित, मार्नस लाबुशेन बाहर, मिचेल मार्श और ट्रेविस हेड की वापसी।
Australia ODI Squad: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। चयनकर्ताओं ने स्क्वाड में कई अहम बदलाव किए हैं। सबसे बड़ा फैसला मार्नस लाबुशेन को टीम से बाहर रखने का रहा। वहीं मिचेल मार्श और ट्रेविस हेड की वापसी से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी को मजबूती मिली है।
मार्नस लाबुशेन पिछले कुछ समय से तीनों फॉर्मेट में लगातार बड़ी पारी खेलने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पाकिस्तान दौरे पर खेली गई तीन वनडे मैचों की सीरीज में भी उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने तीन मुकाबलों में महज 24 रन बनाए थे।
लाबुशेन की टीम से छुट्टी
मार्नस लाबुशेन के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में जगह नहीं दी है। पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद बांग्लादेश दौरे पर भी उनका बल्ला ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सका।
बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में लाबुशेन के बल्ले से सिर्फ एक अर्धशतक आया था। इसके बाद बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में भी वह बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। लगातार खराब फॉर्म के बीच टीम में अन्य प्रमुख खिलाड़ियों की वापसी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं।
मिचेल मार्श और ट्रेविस हेड की वापसी
ऑस्ट्रेलिया की वनडे टीम में मिचेल मार्श और ट्रेविस हेड की वापसी हुई है। दोनों खिलाड़ियों के आने से टीम के टॉप और मिडिल ऑर्डर को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इन दोनों की मौजूदगी में लाबुशेन के लिए प्लेइंग इलेवन ही नहीं, बल्कि स्क्वाड में जगह बनाना भी मुश्किल हो गया। चयनकर्ताओं ने इस सीरीज के जरिए टीम के संतुलन को बेहतर करने की कोशिश की है।
जोएल डेविस को मिला बड़ा मौका
बांग्लादेश के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल डेब्यू में प्रभावी प्रदर्शन करने वाले ऑलराउंडर जोएल डेविस को भी वनडे टीम में शामिल किया गया है। अगर उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है, तो वह ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे क्रिकेट में अपना डेब्यू कर सकते हैं।
डेविस के चयन से टीम में एक और ऑलराउंड विकल्प जुड़ गया है। वहीं पाकिस्तान के खिलाफ मई में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले बाएं हाथ के बल्लेबाज ओली पीक को भी टीम में बरकरार रखा गया है।
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स्टार्क और कमिंस जिम्बाब्वे के खिलाफ नहीं खेलेंगे
ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल जोश हेजलवुड दोनों सीरीज में टीम का हिस्सा रहेंगे। हालांकि, कप्तान पैट कमिंस और अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज में उपलब्ध नहीं होंगे।
दोनों खिलाड़ी साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे मुकाबलों में टीम का हिस्सा होंगे। कमिंस की गैरमौजूदगी में जिम्बाब्वे दौरे पर मिचेल मार्श ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी संभालेंगे।
दो अलग कप्तानों के साथ खेलेगी ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया ने दोनों दौरों के लिए कप्तानी की जिम्मेदारी अलग-अलग खिलाड़ियों को दी है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ पैट कमिंस टीम की कमान संभालेंगे, जबकि जिम्बाब्वे सीरीज में मिचेल मार्श कप्तान होंगे।
वर्कलोड मैनेजमेंट को देखते हुए प्रमुख खिलाड़ियों को अलग-अलग सीरीज में आराम देने की रणनीति अपनाई गई है। इससे युवा खिलाड़ियों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल सकता है।
ऑस्ट्रेलिया की वनडे टीम
साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की वनडे टीम में पैट कमिंस, मिचेल मार्श, जेवियर बार्टलेट, एलेक्स कैरी, कूपर कोनोली, जोएल डेविस, नाथन एलिस, कैमरन ग्रीन, जोश हेजलवुड, ट्रेविस हेड, जोश इंग्लिस, स्पेंसर जॉनसन, ओलिवर पीक, मैथ्यू रेनशॉ, बिली स्टानलेक, मिचेल स्टार्क और एडम जैम्पा को शामिल किया गया है।
पैट कमिंस केवल साउथ अफ्रीका सीरीज में कप्तानी करेंगे, जबकि मिचेल स्टार्क भी सिर्फ इसी सीरीज में उपलब्ध रहेंगे। जिम्बाब्वे दौरे पर मिचेल मार्श कप्तानी की जिम्मेदारी संभालेंगे।
ऑस्ट्रेलिया की टीम में युवाओं को भी मौका
इस चयन से साफ है कि ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ता अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं को भी लगातार अवसर देना चाहते हैं। जोएल डेविस और ओली पीक जैसे खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया जाना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है।
वहीं हेड, मार्श, ग्रीन, स्टार्क, कमिंस और हेजलवुड जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम को जरूरी अनुभव प्रदान करेगी। ऐसे में दोनों सीरीज में ऑस्ट्रेलिया का संयोजन काफी संतुलित नजर आ रहा है।
लाबुशेन के लिए आगे की राह चुनौतीपूर्ण
वनडे टीम से बाहर किए जाने के बाद मार्नस लाबुशेन के सामने वापसी की चुनौती बढ़ गई है। टीम में प्रतिस्पर्धा लगातार मजबूत हो रही है और प्रमुख खिलाड़ियों की वापसी के बाद उनकी जगह पहले की तुलना में और मुश्किल हो गई है।
अब लाबुशेन को घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाकर चयनकर्ताओं का ध्यान दोबारा अपनी ओर खींचना होगा। उनका अनुभव ऑस्ट्रेलिया के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन मौजूदा फॉर्म को देखते हुए चयनकर्ताओं ने इस बार दूसरे विकल्पों पर भरोसा जताया है।

