दलीप ट्रॉफी 2026 फाइनल में ईस्ट जोन ने 708 रन बनाए। जानिए क्यों 700 रन बनाने के बावजूद साउथ जोन खिताब से चूक सकती है और फाइनल का नियम क्या कहता है।
दलीप ट्रॉफी 2026 फाइनल: चेन्नई में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन ने साउथ जोन के सामने बड़ा लक्ष्य खड़ा कर दिया है। 6 सितंबर से एमए चिदंबरम स्टेडियम में जारी इस मुकाबले में ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर बनाया। इसके जवाब में तिलक वर्मा की अगुवाई वाली साउथ जोन टीम मुश्किल स्थिति में फंस गई है।
मुकाबले का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि साउथ जोन अगर पहली पारी में 700 रन तक भी पहुंच जाती है, तो उसके बावजूद वह खिताब गंवा सकती है। इसके पीछे फाइनल मुकाबले में पहली पारी की बढ़त से जुड़ा नियम अहम है।
ईस्ट जोन ने खड़ा किया 708 रन का पहाड़
टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी ईस्ट जोन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 708 रन बनाए। कप्तान ईशान किशन ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 270 रन की बड़ी पारी खेली। उनके अलावा कुमार कुशाग्र ने भी शतक लगाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
अब साउथ जोन को इस स्कोर का जवाब देना है। उसकी पहली प्राथमिकता फॉलोऑन से बचना है, जिसके लिए टीम को कम से कम 508 रन बनाने होंगे। हालांकि, 508 रन तक पहुंचने के बाद भी टीम पूरी तरह सुरक्षित नहीं होगी।
700 रन बनाकर भी क्यों हार सकती है साउथ जोन?
फाइनल मुकाबला ड्रॉ की ओर बढ़ने की स्थिति में है। ऐसे में विजेता का फैसला पहली पारी में हासिल बढ़त के आधार पर किया जा सकता है। ईस्ट जोन ने पहले ही 708 रन का स्कोर खड़ा कर दिया है।
यही वजह है कि अगर साउथ जोन 700 रन बनाती है, तो वह ईस्ट जोन से 8 रन पीछे रहेगी। वहीं 707 रन बनाने पर भी ईस्ट जोन को 1 रन की पहली पारी की बढ़त मिल जाएगी। इस स्थिति में साउथ जोन को चैंपियन बनने के लिए ईस्ट जोन के स्कोर को पार करना जरूरी होगा।
यानी 700 या 707 रन तक पहुंचना साउथ जोन के लिए पर्याप्त नहीं होगा। उसे कम से कम 709 रन बनाने होंगे ताकि पहली पारी में बढ़त हासिल की जा सके।
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तीसरे दिन साउथ जोन की हालत रही खराब
तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक साउथ जोन ने 242 रन के स्कोर पर अपने 6 विकेट गंवा दिए थे। कप्तान तिलक वर्मा ने एक छोर संभालते हुए अर्धशतक पूरा किया, लेकिन टीम अभी भी ईस्ट जोन के स्कोर से काफी पीछे है।
साउथ जोन को अब शेष चार विकेट के साथ पहले 508 रन के आंकड़े तक पहुंचना होगा और उसके बाद 708 रन के स्कोर को पार करने की कोशिश करनी होगी।
ईशान किशन ने 270 रन की पारी से बनाया खास रिकॉर्ड
ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने पहली पारी में 270 रन बनाकर दलीप ट्रॉफी में शानदार रिकॉर्ड दर्ज किया। यह टूर्नामेंट के इतिहास में ईस्ट जोन की तरफ से किसी बल्लेबाज का दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।
ईस्ट जोन के लिए सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड अभी भी अरुण लाल के नाम है। उन्होंने 1986 में वेस्ट जोन के खिलाफ 287 रन बनाए थे।
ईशान किशन की 270 रन की पारी ने ईस्ट जोन को बड़ा स्कोर खड़ा करने में महत्वपूर्ण मदद की और अब यही बढ़त टीम के लिए खिताबी मुकाबले में बड़ा फायदा साबित हो सकती है।
तीसरी बार दलीप ट्रॉफी जीतने का मौका
ईस्ट जोन अगर फाइनल मुकाबले में साउथ जोन को पीछे छोड़कर ट्रॉफी अपने नाम करती है, तो यह टीम की दलीप ट्रॉफी में तीसरी खिताबी जीत होगी।
इससे पहले ईस्ट जोन ने 2011-12 और 2012-13 में लगातार दो सीजन में दलीप ट्रॉफी जीती थी। अब टीम के पास एक बार फिर खिताब अपने नाम करने का शानदार अवसर है।
फिलहाल 708 रन की पहली पारी की बढ़त ने ईस्ट जोन को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। वहीं साउथ जोन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि वह अपने बाकी बचे विकेटों के साथ पहले फॉलोऑन बचाए और फिर ईस्ट जोन के स्कोर से आगे निकलकर पहली पारी में बढ़त हासिल करे।

