NSE IPO GMP Today: NSE का ₹22,561 करोड़ का मेगा IPO 17 सितंबर से खुलेगा। GMP ₹208 पर है। जानें प्राइस बैंड, लॉट साइज, निवेश राशि और संभावित लिस्टिंग।
NSE IPO GMP Today: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के बहुप्रतीक्षित आईपीओ को लेकर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं। NSE IPO 17 सितंबर 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है, जबकि इसमें बोली लगाने की आखिरी तारीख 21 सितंबर होगी। इश्यू से पहले ग्रे मार्केट में भी NSE IPO को लेकर लगातार हलचल बनी हुई है।
15 सितंबर की सुबह उपलब्ध ग्रे मार्केट संकेतों के मुताबिक NSE IPO GMP ₹208 पर है। यह आईपीओ के अपर प्राइस बैंड ₹1,785 के मुकाबले करीब 11.6 फीसदी का प्रीमियम है। हालांकि, पिछले कुछ सत्रों में GMP में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
NSE IPO GMP में क्या हुआ बदलाव?
प्राइस बैंड घोषित होने से पहले NSE IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम लगभग ₹222 से ₹310 के बीच बताया जा रहा था। प्राइस बैंड सामने आने के बाद GMP घटकर करीब ₹192 पर आ गया।
इसके बाद ग्रे मार्केट में फिर तेजी आई। 11 सितंबर को GMP करीब ₹218 तक पहुंचा, जबकि 12 सितंबर को यह घटकर ₹208 रह गया। 13 सितंबर को इसमें मामूली सुधार हुआ और GMP ₹210 तक पहुंच गया।
अब 15 सितंबर की सुबह GMP करीब ₹208 बताया जा रहा है। यानी पिछले कुछ दिनों से NSE IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम लगभग ₹208-₹210 के दायरे में बना हुआ है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि GMP केवल अनौपचारिक बाजार संकेतक है और शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं देता।
17 सितंबर को खुलेगा NSE IPO
NSE का यह मेगा आईपीओ 17 सितंबर से 21 सितंबर 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध रहेगा। कंपनी ने इश्यू का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर तय किया है।
इस इश्यू के तहत लगभग 12.64 करोड़ शेयरों की बिक्री की जाएगी। आईपीओ का कुल आकार करीब ₹22,561.57 करोड़ है और यह पूरी तरह Offer for Sale (OFS) पर आधारित है। शेयर अलॉटमेंट की संभावित तारीख 22 सितंबर है, जबकि NSE के शेयरों की लिस्टिंग 24 सितंबर को बीएसई पर होने की संभावना है।
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रिटेल निवेशक को कितना करना होगा निवेश?
NSE IPO में एक लॉट में 8 शेयर शामिल हैं। अपर प्राइस बैंड ₹1,785 के हिसाब से रिटेल निवेशक को एक लॉट के लिए करीब ₹14,280 लगाने होंगे।
इश्यू में अलग-अलग निवेशक श्रेणियों के लिए शेयरों का कोटा भी निर्धारित किया गया है:
- QIB: करीब 50%
- Retail Investors: करीब 35%
- NII: करीब 15%
GMP के हिसाब से कितनी हो सकती है लिस्टिंग?
अगर 15 सितंबर के करीब ₹208 GMP को आधार माना जाए और इसे NSE IPO के अपर प्राइस बैंड ₹1,785 में जोड़ा जाए, तो अनौपचारिक ग्रे मार्केट संकेतों के अनुसार अनुमानित कीमत करीब ₹1,993 बनती है।
हालांकि, यह केवल GMP आधारित अनुमान है। वास्तविक लिस्टिंग प्राइस बाजार की स्थिति, निवेशकों की मांग और लिस्टिंग के दिन के सेंटीमेंट पर निर्भर करेगी।
NSE क्या करता है?
National Stock Exchange of India Limited (NSE) की स्थापना 1992 में हुई थी। यह भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंजों में शामिल है और इक्विटी, डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, कमोडिटी, डेट सिक्योरिटीज और म्यूचुअल फंड समेत कई वित्तीय क्षेत्रों में सेवाएं देता है। NSE ट्रेडिंग के साथ-साथ क्लियरिंग, सेटलमेंट, लिस्टिंग, मार्केट डेटा और इंडेक्स से जुड़ी सेवाएं भी उपलब्ध कराता है।
NSE का कितना बड़ा है निवेशक आधार?
30 जून 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक NSE पर 26.13 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड निवेशक अकाउंट थे, जबकि यूनिक निवेशकों की संख्या करीब 12.90 करोड़ थी।
इस दौरान एक्सचेंज के साथ लगभग 1,328 ट्रेडिंग मेंबर जुड़े थे और करीब 3,005 कंपनियां लिस्टेड थीं। इन कंपनियों का कुल लिस्टेड मार्केट कैप लगभग ₹474.08 लाख करोड़ बताया गया।
कैश मार्केट में NSE की मजबूत पकड़
31 मार्च 2026 तक कुल टर्नओवर के आधार पर भारत के कैश मार्केट में NSE की हिस्सेदारी करीब 99.79 फीसदी थी। इक्विटी डेरिवेटिव्स में भी एक्सचेंज की स्थिति मजबूत बनी हुई है।
इक्विटी फ्यूचर्स में NSE की हिस्सेदारी 74.71 फीसदी, जबकि इक्विटी ऑप्शंस में करीब 99.48 फीसदी रही। एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी ऑप्शंस में प्रीमियम टर्नओवर के आधार पर NSE की हिस्सेदारी 100 फीसदी बताई गई।
NSE का टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत
NSE का टेक्नोलॉजी सिस्टम बड़े पैमाने पर होने वाले ट्रेडिंग वॉल्यूम को संभालने के लिए तैयार किया गया है। इसका इंफ्रास्ट्रक्चर हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग, रियल-टाइम मार्केट डेटा, रिस्क मैनेजमेंट, मार्केट सर्विलांस और रेगुलेटरी कंप्लायंस जैसी गतिविधियों को सपोर्ट करता है।
एक्सचेंज की पहुंच देश के 99 फीसदी से अधिक पोस्टल कोड तक बताई गई है, जिससे भारत के अलग-अलग हिस्सों में पूंजी बाजार की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलती है।
निवेशकों की नजर अब IPO खुलने पर
NSE IPO को लेकर निवेशकों में पहले से ही काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। ₹22,561 करोड़ से ज्यादा का यह इश्यू, मजबूत ग्रे मार्केट प्रीमियम और NSE की बाजार में मजबूत स्थिति इसे चर्चा में बनाए हुए है।
फिर भी निवेशकों को केवल GMP के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए। IPO में निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़े, वैल्यूएशन, इश्यू की शर्तें और अपने जोखिम प्रोफाइल को ध्यान में रखना जरूरी है।

