सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने AIIMS ट्रॉमा सेंटर में पीड़ितों से मुलाकात की। मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये की मदद का ऐलान।
सत्य निकेतन हादसा: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की दर्दनाक घटना के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर हादसे में घायल लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया और घायलों के इलाज में सरकार की ओर से पूरी मदद करने की बात कही।
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायल बच्चों से मुलाकात की। उनके अनुसार, दो बच्चे अब ठीक हैं, जबकि एक बच्चे का इलाज ICU में चल रहा है। एक मजदूर भी अस्पताल में भर्ती है और उसकी स्थिति फिलहाल ठीक बताई गई है।
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की। हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की बात कही गई है।
पीड़ित परिवारों को दिया मदद का भरोसा
AIIMS ट्रॉमा सेंटर में परिजनों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि घायल बच्चों के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी और सरकार जरूरत के अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। सीएम ने अधिकारियों को भी घायलों के इलाज और पीड़ित परिवारों की जरूरतों का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।
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बेसमेंट में पानी के रिसाव की थी समस्या
पुलिस जांच में सामने आया है कि सत्य निकेतन स्थित जिस PG इमारत में हादसा हुआ, उसके बेसमेंट में लंबे समय से पानी के रिसाव की समस्या बताई जा रही थी। हादसे के समय इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था।
पुलिस अब उस ठेकेदार की तलाश कर रही है, जो बेसमेंट में रिसाव की समस्या को ठीक करने का काम करा रहा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मरम्मत के दौरान इमारत की संरचना में कोई बदलाव किया गया था या नहीं और क्या उसका भवन गिरने से कोई संबंध था।
हादसे में 7 लोगों की मौत
सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत अचानक ढह गई। राहत और बचाव अभियान के दौरान मलबे से कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें से सात लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस के अनुसार, यह कई दशक पुरानी इमारत करीब 55 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनी थी। इसमें बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और चार ऊपरी मंजिलें थीं। प्रत्येक मंजिल पर दो कमरे होने की जानकारी सामने आई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि इमारत में पारंपरिक तरीके से खंभे और बीम मौजूद नहीं थे, जिससे उसकी संरचना को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
इमारत की मालकिन समेत तीन लोग गिरफ्तार
पुलिस ने हादसे के मामले में इमारत की मालकिन 75 वर्षीय उर्मिला गुप्ता, उनके पति और वायुसेना से सेवानिवृत्त 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता तथा उनके बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में हरिराम गुप्ता को संपत्ति का मालिक माना गया था, लेकिन दस्तावेजों की जांच के बाद उर्मिला गुप्ता को इमारत की मालकिन बताया गया। हरिराम और महेश पर PG के प्रबंधन से जुड़े होने की बात सामने आई है।
MCD अधिकारियों पर भी कार्रवाई
हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने भी अपने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। दक्षिण जोन के उपायुक्त राकेश कुमार सहित चार इंजीनियरों को निलंबित किया गया है।
निलंबित अधिकारियों में अधीक्षण अभियंता रणबीर सिंह, अधिशासी अभियंता ललित कुमार गोयल, सहायक अभियंता सुनील चौहान और कनिष्ठ अभियंता आशीष कुमार शामिल हैं।
दिल्ली में इमारतों के निरीक्षण के निर्देश
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में भवनों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। MCD ने शहरभर में इमारतों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं, खासकर उन संरचनाओं की जांच पर जोर दिया जा रहा है जहां मंजिल या ऊंचाई से जुड़े नियमों के उल्लंघन की आशंका है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में पांच मंजिला इमारतों की भी जांच और सीलिंग से जुड़े निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने भी जताई चिंता
सत्य निकेतन हादसे पर दिल्ली हाईकोर्ट ने भी गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने MCD की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता।
वहीं, उपराज्यपाल की ओर से PG हब में निरीक्षण करने और भवन सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब पुलिस और नगर निगम की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इमारत गिरने की वास्तविक वजह क्या थी और मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

