NSE IPO की खबर से IFCI Share 2 दिन में 16% चढ़कर 52-वीक हाई पर पहुंचा। BSE Stock भी 4% उछला, जानें NSE IPO से जुड़ी पूरी जानकारी।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के बहुप्रतीक्षित आईपीओ को लेकर बाजार में हलचल तेज होती नजर आ रही है। NSE के संभावित आईपीओ की खबरों के बीच इससे सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े कुछ शेयरों में भी तेजी देखने को मिल रही है। IFCI का शेयर पिछले दो कारोबारी दिनों में करीब 16 फीसदी चढ़ चुका है, जबकि गुरुवार के कारोबार में यह 52-वीक के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया।
गुरुवार को IFCI का शेयर करीब 101 रुपये के स्तर तक पहुंचा और नया 52-वीक हाई बनाया। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली के कारण बाद में शेयर करीब 97 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया।
NSE IPO से IFCI को कैसे हो सकता है फायदा?
IFCI में तेजी की एक प्रमुख वजह NSE में उसकी अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी को माना जा रहा है। IFCI के पास Stock Holding Corporation of India यानी SHCIL में 50 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी है। वहीं, SHCIL की NSE में 4 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी बताई जाती है।
इस वजह से IFCI का NSE से अप्रत्यक्ष जुड़ाव बनता है। ऐसे में अगर NSE का आईपीओ आता है और लिस्टिंग के बाद कंपनी का वैल्यूएशन मजबूत रहता है, तो इसका अप्रत्यक्ष असर IFCI के निवेश पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि NSE IPO से जुड़ी खबरों के सामने आने पर IFCI के शेयर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ती दिखाई दे रही है।
NSE का 30,000 करोड़ रुपये का IPO आने की चर्चा
NSE के आईपीओ को लेकर बाजार में लंबे समय से इंतजार बना हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स और बाजार की चर्चाओं के मुताबिक, NSE का आईपीओ इसी महीने लॉन्च हो सकता है।
हालांकि, कंपनी की ओर से अभी इश्यू का अंतिम आकार, प्राइस बैंड और अन्य महत्वपूर्ण विवरण आधिकारिक रूप से सामने नहीं आए हैं। बाजार में ऐसी अटकलें जरूर हैं कि NSE करीब 30,000 करोड़ रुपये का आईपीओ ला सकता है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो NSE का इश्यू भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल हो सकता है।
BSE Share में भी 4% से ज्यादा की तेजी
NSE IPO की संभावित लिस्टिंग को लेकर सिर्फ IFCI ही नहीं, बल्कि BSE के शेयर में भी हलचल देखी गई। गुरुवार के कारोबार में BSE का शेयर 4 फीसदी से ज्यादा बढ़कर करीब 3,304 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। BSE के शेयर का 52-वीक हाई 4,446 रुपये और 52-वीक लो 2,021 रुपये है।
NSE के आईपीओ को लेकर BSE के शेयर में तेजी की एक वजह यह उम्मीद है कि NSE के शेयरों की लिस्टिंग BSE के प्लेटफॉर्म पर हो सकती है।
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NSE की सेल्फ-लिस्टिंग को लेकर क्या है मामला?
पहले ऐसी खबरें सामने आई थीं कि NSE अपने शेयरों को अपने ही प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध कराने की योजना बना रहा है। इसके लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी SEBI के सामने प्रस्ताव दिए जाने की चर्चा थी।
हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली। ऐसे में बाजार में यह संभावना जताई जा रही है कि NSE के शेयरों की लिस्टिंग BSE पर हो सकती है।
BSE के MD और CEO सुंदरारामन मूर्ति ने भी एक बातचीत में सेल्फ-लिस्टिंग की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा था कि मौजूदा कानूनी ढांचे में इसकी अनुमति नहीं है। उन्होंने यह भी बताया था कि BSE ने 2017 में इसी तरह की कोशिश की थी, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली थी।
यदि NSE की लिस्टिंग BSE पर होती है, तो इससे BSE के कारोबार और बाजार में उसकी भूमिका को लेकर भी निवेशकों की नजर बनी रह सकती है।
NSE IPO में OFS के जरिए होगी हिस्सेदारी बिक्री
बाजार में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, NSE का प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह Offer for Sale यानी OFS हो सकता है। इसका मतलब है कि NSE को आईपीओ के जरिए कोई नया पैसा नहीं मिलेगा, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचेंगे।
चर्चाओं के मुताबिक, आईपीओ में कंपनी की करीब 4 से 5 फीसदी हिस्सेदारी बिक्री के लिए पेश की जा सकती है। हालांकि, अंतिम हिस्सेदारी और इश्यू का आकार आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
बाजार में NSE के संभावित आईपीओ का आकार करीब 30,000 करोड़ रुपये और कंपनी का अनुमानित वैल्यूएशन करीब 5 लाख करोड़ रुपये तक रहने की चर्चा है।
कौन-कौन से निवेशक बेच सकते हैं हिस्सेदारी?
प्रस्तावित OFS में NSE के मौजूदा बड़े शेयरधारकों के हिस्सा लेने की संभावना जताई जा रही है। इनमें LIC, SBI, Temasek और CPPIB जैसे बड़े निवेशकों के नाम चर्चा में हैं।
इसके अलावा कुछ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी अपनी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। इनमें SBI, Bank of Baroda और Indian Bank के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। बीमा क्षेत्र की कंपनियों में GIC Re, New India Assurance, United India Insurance, National Insurance और Oriental Insurance के भी OFS में हिस्सेदारी बेचने की संभावना पर चर्चा है।
वहीं, Stock Holding Corporation of India Limited (SHCIL) भी संभावित रूप से अपनी NSE हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेच सकती है।
NSE IPO से पहले इन शेयरों पर नजर
NSE की संभावित लिस्टिंग को लेकर अभी अंतिम तस्वीर सामने नहीं आई है। लेकिन आईपीओ की चर्चाओं ने IFCI और BSE जैसे शेयरों में निवेशकों की गतिविधियां बढ़ा दी हैं।
IFCI के मामले में NSE से अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी का कनेक्शन महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जबकि BSE के लिए NSE की संभावित लिस्टिंग एक अलग तरह का कारोबारी अवसर हो सकती है।
फिलहाल निवेशकों की सबसे बड़ी नजर NSE की ओर से आईपीओ की आधिकारिक घोषणा, इश्यू साइज, प्राइस बैंड और OFS में शामिल होने वाले शेयरधारकों की अंतिम सूची पर रहेगी।

