रेज़ ऑफ बिलीफ IPO को तीसरे दिन 5.09 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। GMP ₹47 पर पहुंचा, जिससे करीब 20% संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत मिल रहा है।
रेज़ ऑफ बिलीफ IPO: मॉम्स बिलीफ की मूल कंपनी रेज़ ऑफ बिलीफ के आईपीओ को निवेशकों से जोरदार प्रतिक्रिया मिल रही है। आज यानी 3 सितंबर 2026 को आईपीओ की बोली लगाने का आखिरी दिन है। राष्ट्रीय शेयर बाजार (NSE) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 10:20 बजे तक इश्यू को कुल 5.09 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।
करीब 125 करोड़ रुपये के इस आईपीओ के तहत उपलब्ध 31,37,810 शेयरों के मुकाबले 1,59,66,364 शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी थीं। सबसे ज्यादा उत्साह खुदरा निवेशकों में देखने को मिला है।
खुदरा निवेशकों ने जमकर लगाई बोली
रेज़ ऑफ बिलीफ आईपीओ के खुदरा निवेशक हिस्से को अब तक 23.21 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। वहीं, गैर-संस्थागत निवेशकों यानी एनआईआई श्रेणी में 4.86 गुना बोली लगाई गई।
इस तरह आईपीओ को कुल मिलाकर 5 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिल चुका है। इश्यू के अंतिम दिन निवेशकों की नजर अब अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और संभावित लिस्टिंग पर बनी हुई है।
GMP 20% लिस्टिंग गेन का दे रहा संकेत
रेज़ ऑफ बिलीफ के शेयर ग्रे मार्केट में भी प्रीमियम पर कारोबार करते बताए जा रहे हैं। इन्वेस्टरगेन के अनुसार, 3 सितंबर की सुबह कंपनी के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP करीब 47 रुपये था।
आईपीओ का ऊपरी मूल्य बैंड 239 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। ऐसे में 47 रुपये के GMP के आधार पर संभावित लिस्टिंग कीमत करीब 286 रुपये बैठती है। इस गणना के मुताबिक, शेयर में करीब 20 फीसदी के संभावित लिस्टिंग लाभ का संकेत मिल रहा है।
हालांकि, निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि GMP शेयर बाजार का आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। ग्रे मार्केट में मांग और कारोबार के आधार पर इसमें कभी भी बदलाव हो सकता है। इसलिए मौजूदा GMP के आधार पर अनुमानित लिस्टिंग कीमत को निश्चित नहीं माना जा सकता।
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एंकर निवेशकों से पहले ही जुटाए 50 करोड़ रुपये
आईपीओ खुलने से पहले रेज़ ऑफ बिलीफ ने एंकर निवेशकों से भी करीब 50 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी ने पांच संस्थागत निवेशकों को कुल 20.92 लाख शेयर आवंटित किए थे।
विनी ग्रोथ फंड और एलआरएसडी सिक्योरिटीज को 15 करोड़ रुपये मूल्य के 6.27 लाख शेयर आवंटित किए गए। वहीं, नोवा ग्लोबल ऑपर्च्युनिटीज फंड को 10 करोड़ रुपये के 4.18 लाख शेयर मिले। इसके अलावा 31 डिग्री नॉर्थ फंड और विजनरी वैल्यू फंड को 5-5 करोड़ रुपये मूल्य के 2.09-2.09 लाख शेयर आवंटित किए गए।
52.3 लाख शेयरों का है आईपीओ
रेज़ ऑफ बिलीफ का आईपीओ कुल 52.3 लाख शेयरों के माध्यम से पेश किया जा रहा है। कंपनी आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कारोबार के विस्तार, नए केंद्र खोलने, मौजूदा केंद्रों के लीज भुगतान और ब्रांड को मजबूत करने में करेगी।
कंपनी ने आईपीओ से मिलने वाली शुद्ध 41.3 करोड़ रुपये की रकम नए केंद्र स्थापित करने और उनसे जुड़े तकनीकी हार्डवेयर की लागत पर खर्च करने की योजना बनाई है।
मौजूदा केंद्रों के लीज भुगतान पर खर्च होंगे 14.4 करोड़
कंपनी भारत में अपने मौजूदा केंद्रों के लीज भुगतान के लिए करीब 14.4 करोड़ रुपये अलग रखेगी। इसके अलावा अमेरिका में मौजूद केंद्रों से जुड़े लीज या लाइसेंस भुगतान के लिए कंपनी की अमेरिकी सहायक इकाई मॉम्स बिलीफ यूएस इंक में करीब 10.1 करोड़ रुपये का इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी की योजना कारोबार के मौजूदा ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ नए केंद्रों के जरिए अपनी पहुंच बढ़ाने की है।
ब्रांड प्रचार पर खर्च करेगी 10.2 करोड़ रुपये
रेज़ ऑफ बिलीफ अपने ब्रांड की पहुंच बढ़ाने के लिए भी आईपीओ की रकम का इस्तेमाल करेगी। कंपनी ने ब्रांड जागरूकता और समावेशी आउटरीच कार्यक्रमों के लिए करीब 10.2 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है।
आईपीओ से बची रकम का इस्तेमाल संभावित अधिग्रहणों के जरिए गैर-जैविक विकास को बढ़ावा देने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा।
निवेशकों की नजर अब लिस्टिंग पर
आईपीओ के आखिरी दिन तक रेज़ ऑफ बिलीफ को मिली मजबूत मांग और ग्रे मार्केट में 47 रुपये के GMP ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। खासतौर पर खुदरा निवेशकों की 23 गुना से अधिक बोली इस इश्यू के प्रति मजबूत रुचि को दर्शाती है।
हालांकि, ग्रे मार्केट के संकेतों के आधार पर लिस्टिंग से पहले शेयर की संभावित कीमत बदल सकती है। वास्तविक लिस्टिंग कीमत बाजार की स्थिति, निवेशकों की मांग और लिस्टिंग के समय कंपनी के शेयर के प्रति सेंटीमेंट पर निर्भर करेगी।

