Prasol Chemicals IPO को आखिरी दिन 1.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। जानें IPO का GMP, प्राइस बैंड, अलॉटमेंट और लिस्टिंग डेट समेत जरूरी डिटेल।
Prasol Chemicals IPO: प्रासोल केमिकल्स के आईपीओ को निवेशकों का शुरुआती अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। सब्सक्रिप्शन के आखिरी दिन यानी 10 सितंबर 2026 को सुबह 10:45 बजे तक यह इश्यू 1.19 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। NSE पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 54,43,229 शेयरों के मुकाबले 64,92,486 शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं।
रिटेल निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिखाई दिलचस्पी
प्रासोल केमिकल्स आईपीओ में रिटेल निवेशकों की भागीदारी मजबूत रही। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रिटेल कैटेगरी में इश्यू को 1.22 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
दूसरी ओर, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी NII कैटेगरी 74% तक सब्सक्राइब हुई थी। इससे पता चलता है कि आईपीओ में खुदरा निवेशकों की रुचि फिलहाल संस्थागत और बड़े निवेशकों की तुलना में ज्यादा रही।
प्रासोल केमिकल्स IPO GMP कितना है?
ग्रे मार्केट में भी प्रासोल केमिकल्स के शेयरों को लेकर हलचल देखने को मिल रही है। InvestorGain के आंकड़ों के मुताबिक, 10 सितंबर की सुबह शेयर अपर प्राइस बैंड से करीब 1% प्रीमियम पर कारोबार कर रहा था।
कंपनी ने आईपीओ का प्राइस बैंड ₹643 से ₹676 प्रति शेयर तय किया है। हालांकि, GMP के आधार पर संभावित लिस्टिंग प्राइस का अनुमान लगाया जा सकता है, लेकिन यह आधिकारिक आंकड़ा नहीं होता।
निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक होता है। इसमें बाजार की धारणा और अटकलों के कारण लगातार बदलाव हो सकता है। इसलिए GMP को लिस्टिंग गेन की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।
₹500 करोड़ का है प्रासोल केमिकल्स आईपीओ
प्रासोल केमिकल्स का आईपीओ करीब ₹500 करोड़ का मेनबोर्ड इश्यू है। यह बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के तहत लाया गया है।
इश्यू में करीब ₹80 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल है, जिसके तहत 11.83 लाख शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा लगभग ₹420 करोड़ का OFS है, जिसमें 62.13 लाख शेयर ऑफर किए जा रहे हैं।
आईपीओ के लिए प्रति शेयर कीमत ₹643 से ₹676 तय की गई है। सब्सक्रिप्शन की शुरुआत 8 सितंबर 2026 को हुई थी और बोली लगाने की अंतिम तारीख 10 सितंबर है।
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IPO से जुटाई रकम का इस्तेमाल कहां होगा?
कंपनी आईपीओ से मिलने वाली नेट रकम का एक हिस्सा अपने कर्ज को कम करने में लगाएगी। प्रासोल केमिकल्स ने करीब ₹60 करोड़ का इस्तेमाल कुछ मौजूदा ऋणों के पूर्ण या आंशिक पुनर्भुगतान और प्री-पेमेंट के लिए करने की योजना बनाई है। बाकी रकम का उपयोग कंपनी के सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार
प्रासोल केमिकल्स ने वित्त वर्ष 2026 में अपनी आय और मुनाफे में मजबूत वृद्धि दर्ज की। कंपनी की कुल आय वित्त वर्ष 2025 में ₹1,015.54 करोड़ थी, जो FY2026 में बढ़कर ₹1,237.85 करोड़ हो गई।
इसी अवधि में कंपनी का टैक्स के बाद मुनाफा यानी PAT ₹43.57 करोड़ से बढ़कर ₹83.12 करोड़ पहुंच गया। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में यह सुधार आईपीओ निवेशकों के लिए अहम आंकड़ा है।
प्रासोल केमिकल्स आईपीओ Allotment और Listing Date
आईपीओ में शेयरों का आवंटन 11 सितंबर 2026 को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के इक्विटी शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE दोनों पर प्रस्तावित है। कंपनी के शेयरों की संभावित लिस्टिंग तारीख 16 सितंबर 2026 बताई गई है।
प्रासोल केमिकल्स आईपीओ में न्यूनतम कितना निवेश?
रिटेल निवेशकों के लिए आईपीओ का न्यूनतम लॉट साइज 22 शेयर है। ₹676 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए निवेशक को कम से कम ₹14,872 लगाने होंगे।
आईपीओ के लिए DAM Capital Advisors बुक-रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि KFin Technologies को इश्यू का रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।
क्या करती है प्रासोल केमिकल्स?
साल 1992 में स्थापित प्रासोल केमिकल्स स्पेशलिटी केमिकल्स के कारोबार में सक्रिय है। कंपनी 150 से अधिक विशेष रासायनिक उत्पादों का निर्माण करती है।
इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में 21 एसीटोन आधारित केमिकल, 53 फॉस्फोरस आधारित केमिकल और 76 अन्य स्पेशलिटी केमिकल शामिल हैं। इनमें सर्फेक्टेंट, एस्टर और एसिड जैसे उत्पाद भी शामिल हैं।
निवेश से पहले इन बातों पर दें ध्यान
प्रासोल केमिकल्स IPO को सब्सक्रिप्शन के आखिरी दिन 1.19 गुना का रिस्पॉन्स मिला है और GMP अपर प्राइस बैंड से करीब 1% प्रीमियम का संकेत दे रहा है। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में भी पिछले वित्त वर्ष में सुधार हुआ है।
फिर भी IPO में निवेश का फैसला सिर्फ सब्सक्रिप्शन आंकड़ों या GMP के आधार पर नहीं करना चाहिए। निवेशकों को कंपनी का वैल्यूएशन, कर्ज, कारोबार से जुड़े जोखिम और अपनी निवेश क्षमता को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए।

