NSE IPO की खबर से IFCI और न्यू इंडिया एश्योरेंस के शेयरों में तेजी आई। जानें NSE IPO का संभावित आकार, कीमत, SBI की हिस्सेदारी और पूरी जानकारी।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के संभावित आईपीओ की खबर ने शेयर बाजार में हलचल बढ़ा दी है। बुधवार, 2 सितंबर को कारोबार शुरू होते ही NSE में हिस्सेदारी रखने वाली कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इनमें IFCI और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी प्रमुख रहे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, NSE का आईपीओ सितंबर में लॉन्च हो सकता है। हालांकि, अभी तक एक्सचेंज की ओर से आईपीओ की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
IFCI के शेयर में 11 फीसदी तक उछाल
NSE के आईपीओ से जुड़ी खबर सामने आने के बाद IFCI के शेयर में तेज बढ़त दर्ज की गई। दोपहर करीब 1 बजे IFCI का शेयर लगभग 10.14 फीसदी की तेजी के साथ 96.13 रुपये पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान इसमें करीब 11 फीसदी तक की मजबूती देखी गई।
वहीं, न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के शेयर में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी। कंपनी का शेयर करीब 5.90 फीसदी चढ़कर 197 रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
खास बात यह रही कि बाजार के कई प्रमुख शेयरों में दबाव के बावजूद NSE में हिस्सेदारी रखने वाली इन कंपनियों के शेयरों में तेजी बनी रही।
NSE में IFCI की अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी
IFCI भारत सरकार के स्वामित्व वाली वित्तीय कंपनी है और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के रूप में काम करती है। IFCI की स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) में लगभग 52 फीसदी हिस्सेदारी है।
SHCIL के पास NSE में करीब 4.4 फीसदी हिस्सेदारी बताई जाती है। ऐसे में NSE का आईपीओ आने पर SHCIL और अप्रत्यक्ष रूप से IFCI को अपनी हिस्सेदारी से संभावित लाभ मिलने की उम्मीद के चलते निवेशकों का ध्यान IFCI के शेयर पर गया है। दूसरी ओर, न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के पास NSE में लगभग 1.42 फीसदी हिस्सेदारी है।
देश का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है NSE का इश्यू
NSE का प्रस्तावित आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आईपीओ का आकार करीब 30,000 करोड़ रुपये हो सकता है।
अगर लगभग 55 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर NSE करीब 6 फीसदी हिस्सेदारी बेचती है, तो आईपीओ का आकार लगभग 31,500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यह रकम 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ से भी अधिक होगी।
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एसबीआई भी बेच सकता है अपनी हिस्सेदारी
NSE के आईपीओ में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और उसकी सहायक कंपनी SBI कैपिटल मार्केट्स की हिस्सेदारी बिक्री की भी चर्चा है। बताया जा रहा है कि एसबीआई के पास NSE में करीब 3.23 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि एसबीआई कैपिटल मार्केट्स के पास लगभग 4.33 फीसदी हिस्सेदारी है।
एसबीआई के चेयरमैन सीएस शेट्टी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि बैंक NSE के आईपीओ में हिस्सा लेगा। उनके मुताबिक, एसबीआई करीब 0.65 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकता है।
2,000-2,100 रुपये हो सकती है संभावित शेयर कीमत
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, NSE ने संभावित निवेशकों के साथ बातचीत के दौरान अपने शेयरों की कीमत करीब 2,000 से 2,100 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर पेश की है। हालांकि, आईपीओ की अंतिम कीमत, आकार और मूल्यांकन आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
कारोबार के मामले में NSE, BSE से काफी आगे
भारत में NSE और BSE प्रमुख शेयर बाजार हैं। BSE एशिया के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंजों में शामिल है, लेकिन कारोबार की मात्रा के मामले में NSE उससे काफी आगे है।
2 सितंबर को BSE के शेयर में गिरावट देखने को मिली। दोपहर करीब 1:20 बजे BSE का शेयर लगभग 2.83 फीसदी गिरकर 3,150 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था।
NSE के संभावित आईपीओ की खबर ने इसलिए बाजार में खास उत्सुकता पैदा की है क्योंकि एक्सचेंज में हिस्सेदारी रखने वाली कंपनियों को इससे अपने निवेश के मूल्य में संभावित बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि, निवेशकों को किसी भी निवेश निर्णय से पहले NSE और नियामकीय संस्थाओं की आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना चाहिए।

