शनिवार के उपाय: शनिवार को सरसों तेल, काले तिल और काली उड़द समेत इन 3 चीजों का दान शुभ माना जाता है। जानें शनि साढ़ेसाती-ढैय्या के उपाय।
शनिवार के उपाय: ज्योतिषीय मान्यताओं में शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित माना जाता है। शनि को कर्म और न्याय का देवता कहा जाता है, इसलिए मान्यता है कि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल मिलता है। जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, वे शनिवार को कुछ धार्मिक उपाय करते हैं।
मान्यताओं के अनुसार जरूरतमंदों की मदद, दान-पुण्य और अच्छे कर्मों के जरिए शनि देव की कृपा प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है। आइए जानते हैं शनिवार को किन चीजों का दान शुभ माना जाता है और साढ़ेसाती-ढैय्या के दौरान किन बातों से बचने की सलाह दी जाती है।
1. सरसों के तेल का दान
शनिवार को सरसों के तेल का दान शनि से जुड़े प्रमुख उपायों में गिना जाता है। इसे कई जगहों पर छाया दान की परंपरा से भी जोड़ा जाता है।
कैसे करें?
शनिवार को एक पात्र में सरसों का तेल लेकर उसमें अपना प्रतिबिंब देखने के बाद इसे जरूरतमंद व्यक्ति को दान करने की धार्मिक मान्यता है। कुछ लोग शनि मंदिर में भी तेल अर्पित करते हैं।
2. काले तिल और काली उड़द का दान
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार काले तिल और काली उड़द का संबंध शनि से माना जाता है। शनिवार को इनका दान जरूरतमंद व्यक्ति को करना शुभ बताया जाता है।
कैसे करें?
काले तिल या साबुत काली उड़द को काले कपड़े में रखकर किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को दान किया जा सकता है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक प्रभाव कम करने में मदद मिलती है।
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3. काले कपड़े, जूते या छाते का दान
जरूरतमंद लोगों को उनकी आवश्यकता की वस्तुएं उपलब्ध कराना भी शनिवार के उपायों में शामिल किया जाता है। शनिवार को काले वस्त्र, जूते-चप्पल या छाते का दान करने की परंपरा है।
खास तौर पर मजदूरों, सफाईकर्मियों, बुजुर्गों या आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की सहायता करना सेवा का अच्छा माध्यम माना जाता है।
दान करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
दान को लेकर धार्मिक मान्यताओं में निस्वार्थ भाव को महत्वपूर्ण माना गया है। इसलिए शनिवार को किसी जरूरतमंद की मदद करते समय दिखावे और अहंकार से बचने की सलाह दी जाती है।
- दान अपनी क्षमता के अनुसार करें।
- जरूरतमंद और असहाय लोगों का अपमान न करें।
- दान के बाद अहंकार न करें।
- पशु-पक्षियों को परेशान करने से बचें।
- ईमानदारी और अच्छे आचरण को प्राथमिकता दें।
साढ़ेसाती और ढैय्या में किन गलतियों से बचें?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के दौरान व्यक्ति को अपने कर्म और व्यवहार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। गरीब, बुजुर्ग, मजदूर या किसी कमजोर व्यक्ति को परेशान करने से बचने की सलाह दी जाती है।
इसके अलावा झूठ, धोखाधड़ी, बेईमानी और अनैतिक तरीके से धन कमाने से दूर रहने की बात कही जाती है। शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूरी बनाए रखने की भी सलाह दी जाती है।
शनिवार को क्या खरीदने से बचें?
कुछ ज्योतिषीय परंपराओं में शनिवार को लोहा, सरसों का तेल और काले तिल खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, ऐसी मान्यताएं अलग-अलग परंपराओं में भिन्न हो सकती हैं।
पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने की मान्यता
शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने और ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करने की भी धार्मिक मान्यता है। कई श्रद्धालु इस दिन काले कुत्ते, कौवे और अन्य पशु-पक्षियों को भोजन भी कराते हैं।

