Petrol Diesel Price Hike के बाद भी IOC, BPCL और HPCL घाटे में हैं। सरकार 75 हजार करोड़ रुपये के राहत पैकेज पर विचार कर रही है।
Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) की आर्थिक स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी 2026 में शुरू हुए तनाव के बाद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अब तक करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। इसके बावजूद तेल कंपनियां अभी भी घाटे से जूझ रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार करीब 75,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज पर विचार कर रही है।
तीन बड़ी तेल कंपनियों को हुआ भारी नुकसान
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में बताया था कि देश की तीन प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों को अप्रैल-जून तिमाही में करीब 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, IOC, BPCL और HPCL ने सरकार से इस नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक सहायता की मांग की है। अब पेट्रोलियम मंत्रालय इस राहत प्रस्ताव पर काम कर रहा है।
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कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई परेशानी
तेल कंपनियों को उम्मीद थी कि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आएगी। कंपनियों का अनुमान था कि ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 71 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकती है, जिससे नुकसान की भरपाई में मदद मिलेगी।
हालांकि, पश्चिम एशिया में दोबारा तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतें फिर बढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं। इससे तेल कंपनियों की मुश्किलें और बढ़ गईं।
सरकार के सामने राहत पैकेज को लेकर चुनौती
पेट्रोलियम मंत्रालय फिलहाल आर्थिक सहायता के प्रस्ताव पर काम कर रहा है। इसे केंद्रीय कैबिनेट के सामने रखने से पहले वित्त मंत्रालय की मंजूरी जरूरी होगी। इस प्रक्रिया में कई मंत्रालयों के बीच चर्चा हो सकती है और अंतिम फैसला आने में समय लग सकता है।
वहीं, सरकार के सामने एक और चुनौती है। पेट्रोल और डीजल पर टैक्स कलेक्शन में संभावित कमी के कारण पहले ही राजस्व पर असर पड़ रहा है। ऐसे में तेल कंपनियों को बड़ा राहत पैकेज देने से देश के राजकोषीय घाटे पर दबाव बढ़ सकता है।
आम उपभोक्ताओं पर भी असर की संभावना
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर इसका असर देखने को मिल सकता है। फिलहाल सरकार और तेल कंपनियां बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

