मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात कर पंजाब में खाद की निर्बाध आपूर्ति, वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा और भूजल संरक्षण के लिए केंद्र का सहयोग सुनिश्चित किया।
पंजाब के किसानों के लिए राहत और उम्मीद भरी बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात कर राज्य के किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दों को मजबूती से उठाया, जिसके बाद केंद्र की ओर से पंजाब में खाद की निर्बाध आपूर्ति, भूजल संरक्षण और वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए सहयोग का भरोसा दिया गया है।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पंजाब का कृषि क्षेत्र कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। एक तरफ खेती की बढ़ती लागत किसानों की चिंता बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर तेजी से गिरता भूजल स्तर राज्य के कृषि भविष्य के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। ऐसे में इस बैठक को पंजाब के कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खाद की कमी नहीं होने देने का केंद्र का भरोसा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगामी खरीफ मौसम को देखते हुए पंजाब में खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि समय पर खाद उपलब्ध नहीं होती तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है और फसल उत्पादन प्रभावित होता है।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य में खाद की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और राज्य मिलकर काम करेंगे ताकि खेती का चक्र बिना किसी बाधा के चलता रहे।
इस आश्वासन के बाद पंजाब के लाखों किसानों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि हर सीजन में खाद की उपलब्धता को लेकर चिंता बनी रहती है।
धान के विकल्प के रूप में नई फसलों को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार अब केवल धान और गेहूं आधारित खेती पर निर्भर नहीं रहना चाहती। राज्य सरकार किसानों को मक्का, दालें, तिलहन, सूरजमुखी और बाजरा जैसी वैकल्पिक फसलों की ओर प्रेरित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल विविधीकरण समय की सबसे बड़ी जरूरत है। यदि किसान धीरे-धीरे धान की खेती से बाहर निकलकर अन्य फसलों की ओर बढ़ेंगे तो इससे उनकी आय के नए रास्ते खुलेंगे और खेती अधिक टिकाऊ बनेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को इन फसलों के लिए प्रोत्साहन, तकनीकी सहायता और बाजार उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है।
भूजल संकट से निपटने की बड़ी योजना
बैठक में भूजल संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब के कुल एक सौ पचास ब्लॉकों में से एक सौ सत्रह ब्लॉक पहले ही डार्क जोन में पहुंच चुके हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि यदि अभी प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में खेती के लिए पानी उपलब्ध कराना मुश्किल हो जाएगा। इसी कारण पंजाब सरकार वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देकर धान की खेती पर निर्भरता कम करना चाहती है।
केंद्र सरकार ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने की सहमति दी है ताकि पंजाब को जल संकट से बचाया जा सके।
गेहूं उत्पादन में पंजाब ने फिर दिखाई ताकत
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बैठक के दौरान यह भी बताया कि केंद्र द्वारा पंजाब को दिए गए एक सौ पच्चीस लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन के लक्ष्य को राज्य के किसानों ने सफलतापूर्वक पूरा किया है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पंजाब के किसानों की मेहनत और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। देश की आबादी का केवल छोटा हिस्सा होने के बावजूद पंजाब राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में सबसे बड़ा योगदान देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब हर साल देश के लिए बड़ी मात्रा में गेहूं और चावल उपलब्ध कराता है, इसलिए राज्य के किसानों की समस्याओं का समाधान राष्ट्रीय प्राथमिकता होना चाहिए।
also read : बिस्त दोआब नहर के पुनर्जीवन से पंजाब में सिंचाई क्रांति, एक लाख से अधिक एकड़ भूमि को मिला नहरी पानी
बीज नीति में पंजाब के प्रतिनिधित्व की मांग
मुख्यमंत्री ने बैठक में बीज नीति से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य को केंद्रीय बीज समिति में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए ताकि किसानों के हितों को प्रभावी ढंग से रखा जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य स्तरीय बीज समितियों की शक्तियों में किसी प्रकार की कटौती नहीं होनी चाहिए क्योंकि स्थानीय स्तर पर लिए गए निर्णय किसानों के लिए अधिक उपयोगी साबित होते हैं।
धान के कुछ बीजों पर जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने धान की कुछ किस्मों को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ संकर बीजों में गुणवत्ता संबंधी समस्याएं सामने आई हैं, जिससे किसानों को खरीद प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने केंद्र से मांग की कि ऐसे बीजों की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके और खरीद प्रक्रिया सुचारू बनी रहे।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने इस मामले की जांच के लिए विशेष समिति बनाने का भरोसा दिया है।
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं बल्कि किसानों की आय बढ़ाना भी है। इसके लिए आधुनिक खेती, वैज्ञानिक पद्धतियों और नई तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को प्रशिक्षण, बीज सहायता और आर्थिक सहयोग देकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में काम कर रही है।
पंजाब के कृषि भविष्य के लिए बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र और राज्य के बीच हुई यह बैठक पंजाब के कृषि भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। यदि खाद आपूर्ति, वैकल्पिक फसलों और जल संरक्षण पर तय योजनाएं प्रभावी रूप से लागू होती हैं तो आने वाले वर्षों में पंजाब का कृषि मॉडल पूरी तरह बदल सकता है।
इससे किसानों की आय बढ़ेगी, भूजल संरक्षण होगा और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
किसानों में बढ़ी उम्मीद
बैठक के बाद पंजाब के किसानों में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। किसानों का कहना है कि यदि सरकार अपने वादों को जमीन पर उतारती है तो खेती से जुड़ी कई बड़ी समस्याओं का समाधान हो सकता है।
अब किसानों की नजर इस बात पर है कि केंद्र और राज्य सरकारें इन घोषणाओं को कितनी जल्दी और कितनी प्रभावशीलता के साथ लागू करती हैं। पंजाब के कृषि क्षेत्र के लिए यह एक नई शुरुआत मानी जा रही है।

