पिहोवा में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का भव्य आयोजन, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा स्थित अरुणाय के श्री संगमेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित राज्यस्तरीय “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा शांति के लिए प्रार्थना की।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में रंगा नजर आया। हर-हर महादेव और जय सोमनाथ के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भाग लेकर धार्मिक आस्था का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, सनातन चेतना और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, परंपराओं तथा इतिहास से परिचित करवाते हैं।
मुख्यमंत्री ने मंदिर के गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना की और प्रदेश में सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा से हरियाणा निरंतर विकास और प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों के जीवन में खुशहाली और सामाजिक सद्भाव की प्रार्थना भी की।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक दृश्य 101 महिलाओं द्वारा निकाली गई भव्य कलश यात्रा रही। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर धार्मिक यात्रा निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चारण के बीच निकली इस यात्रा ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। मुख्यमंत्री ने स्वयं कलश यात्रा को रवाना किया और महिलाओं की भागीदारी की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है और ऐसे धार्मिक आयोजनों में उनकी सहभागिता समाज को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपराओं और संस्कारों को आगे बढ़ाने में मातृशक्ति का योगदान अतुलनीय है।
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कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अरुणाय लंगर हॉल का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लंगर सेवा भारतीय संस्कृति में समानता, सेवा और मानवता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे सेवा केंद्र समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। मुख्यमंत्री ने लंगर सेवा से जुड़े लोगों की सराहना करते हुए कहा कि समाज सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा लगाई गई “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” विषयक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन और अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में सोमनाथ मंदिर के इतिहास, उसकी सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़े पहलुओं को चित्रों और जानकारी के माध्यम से दर्शाया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास और संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनती हैं। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास केवल संघर्षों का इतिहास नहीं, बल्कि पुनर्जागरण, साहस और सांस्कृतिक चेतना की अमर गाथा है।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने पवित्र तीर्थस्थल ज्योतिसर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और वहां चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण तथा विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान का केंद्र है। उन्होंने कहा कि सरकार तीर्थ स्थलों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि सोमनाथ भारत की सनातन चेतना और अटूट आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि अनेक आक्रमणों के बावजूद भारत की सांस्कृतिक आत्मा को कभी पराजित नहीं किया जा सका। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
महंत रविंद्र पुरी जी महाराज और बंसी पुरी जी महाराज सहित अन्य संतों ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति विश्व को शांति, सहिष्णुता और मानवता का संदेश देती है।
कार्यक्रम में पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, भाजपा जिलाध्यक्ष तेजेंद्र गोल्डी, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की अतिरिक्त निदेशक वर्षा खांगवाल, डॉ. कुलदीप सैनी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। धार्मिक अनुष्ठानों, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को और अधिक भव्य बना दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयघोष के साथ प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना की।

