नारी वंदन अधिनियम 2023 से संसद और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा, महिला सशक्तिकरण को मिलेगी नई दिशा।
महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माने जा रहे नारी वंदन अधिनियम 2023 को लेकर हरियाणा में सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने इस अधिनियम को महिलाओं के लिए एक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इससे देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी और प्रभाव दोनों में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।
चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान रेणु भाटिया ने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जिससे वे नीति निर्माण की प्रक्रिया में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी। उन्होंने इसे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक मजबूत कदम बताते हुए कहा कि यह कानून न केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाएगा, बल्कि समाज में महिलाओं के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को भी सशक्त करेगा।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी और अब यह अधिनियम उस दिशा में ठोस पहल है। इससे महिलाएं न केवल अपनी आवाज को मजबूती से उठा सकेंगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी प्राथमिकता दे सकेंगी। उनका मानना है कि यह कदम भारतीय लोकतंत्र को अधिक समावेशी और संतुलित बनाएगा।
रेणु भाटिया ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने महिला सशक्तिकरण को हमेशा प्राथमिकता दी है। उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहल ने समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा दिया है और अब नारी वंदन अधिनियम के माध्यम से इसे और मजबूती दी जा रही है।
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उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक दशक में महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका सीधा लाभ समाज के विभिन्न वर्गों की महिलाओं को मिला है। हरियाणा में राशन डिपो के आवंटन में 33 प्रतिशत आरक्षण और उज्ज्वला योजना के तहत सस्ते गैस सिलेंडर जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार किया है। इन पहलों ने न केवल आर्थिक रूप से महिलाओं को सशक्त किया है, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी उन्हें सम्मान और पहचान दिलाई है।
रेणु भाटिया ने कहा कि नारी का सम्मान ही देश का स्वाभिमान है और इस अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को और अधिक अधिकार और अवसर मिलेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महिलाएं राजनीति, प्रशासन और समाज के हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि नारी वंदन अधिनियम 2023 भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव लाएगा। इससे महिलाओं की भागीदारी बढ़ने के साथ-साथ नीति निर्माण में भी विविधता आएगी, जो देश के समग्र विकास के लिए बेहद जरूरी है। यह अधिनियम न केवल वर्तमान बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक सशक्त और प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।

