हरियाणा में पीएम गति शक्ति के तहत 42 परियोजनाएं मैप, 40 पाइपलाइन में, बुनियादी ढांचा विकास और निवेश को मिलेगी नई गति।
हरियाणा में बुनियादी ढांचे के विकास को नई रफ्तार देते हुए हरियाणा सरकार ने पीएम गति शक्ति योजना के तहत बड़े स्तर पर परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का काम तेज कर दिया है। राज्य में अब तक 42 प्रमुख परियोजनाओं को इस प्लेटफॉर्म पर मैप किया जा चुका है, जबकि 40 अन्य परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से जोड़ा जाएगा। यह पहल न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति दे रही है, बल्कि निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में भी अहम भूमिका निभा रही है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग अपनी प्रमुख परियोजनाओं को पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही लागू करें। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म पारदर्शिता, बेहतर समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में बेहद प्रभावी है। साथ ही, 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सभी परियोजनाओं को इसी प्लेटफॉर्म से जोड़ना अनिवार्य किया गया है, ताकि उनकी निगरानी और स्वीकृति प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाया जा सके।
यह प्लेटफॉर्म एक उन्नत जीआईएस (GIS) आधारित प्रणाली है, जिसमें 2,400 से अधिक डेटा लेयर शामिल हैं। यह विभागों को रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराता है, जिससे योजनाओं की सटीकता और कार्यान्वयन की गति दोनों में सुधार होता है। इसके माध्यम से इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी की पहचान करना, बेहतर रूट प्लानिंग करना और परियोजनाओं को तेजी से पूरा करना संभव हो रहा है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने जानकारी दी कि जिन 42 परियोजनाओं को मैप किया गया है, वे 11 अलग-अलग विभागों से संबंधित हैं। इनमें लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, शहरी स्थानीय निकाय, ऊर्जा विभाग और एचएसआईआईडीसी जैसी प्रमुख एजेंसियां शामिल हैं। इसके अलावा 40 नई परियोजनाओं को भी जल्द ही इस प्लेटफॉर्म में जोड़ा जाएगा, जिससे राज्य में विकास कार्यों की गति और तेज होगी।
राज्य सरकार द्वारा क्षमता निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अब तक 36 विभागों के 500 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिससे वे इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग कर सकें। 100 से अधिक बैठकों और कार्यशालाओं के माध्यम से अधिकारियों को तकनीकी और प्रबंधन से जुड़ी जानकारी दी गई है, जिससे मुख्यालय और फील्ड स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है।
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इस पहल के जमीनी प्रभाव भी सामने आने लगे हैं। एक केस स्टडी के अनुसार, जिन गांवों में पहले बस स्टॉप और सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं थी, वहां पीएम गति शक्ति के माध्यम से योजना बनाकर सुविधाएं विकसित की गईं। इससे यात्रा दूरी 9.5 किलोमीटर से घटकर करीब 2 किलोमीटर रह गई, जिससे आम लोगों की लागत और समय दोनों में बचत हुई।
इसी प्लेटफॉर्म के जरिए फर्रुखनगर में 12.11 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड रिंग रोड परियोजना की योजना तैयार की गई है, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी। इसके अलावा नारायणगढ़, रेवाड़ी, अंबाला, फरीदाबाद, जींद और सोनीपत जैसे जिलों में ग्रीनफील्ड औद्योगिक पार्कों की योजना पर भी तेजी से काम हो रहा है, जिससे औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
डेटा गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए राज्य ने 396 महत्वपूर्ण डेटा लेयर की पहचान की है और उनकी गुणवत्ता सुधारने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं लागू की हैं। इससे योजना निर्माण और निर्णय लेने की प्रक्रिया और अधिक सटीक और प्रभावी बन गई है।
विशेषज्ञों का मानना है that पीएम गति शक्ति योजना हरियाणा को लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल न केवल विकास परियोजनाओं को गति देगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।

