हरियाणा कैबिनेट ने ट्रेजरी नियमों के तहत LPC प्रारूप में संशोधन को मंजूरी दी, अब PRAN, PAN और वेतन विवरण शामिल होंगे।
हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की वित्तीय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए लास्ट पे सर्टिफिकेट (LPC) के प्रारूप में संशोधन को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिली।
ट्रेजरी नियमों के तहत बदलाव
यह संशोधन हरियाणा ट्रेजरी नियम, वॉल्यूम-II के नियम 4.176 के अंतर्गत किया गया है।
LPC एक अहम दस्तावेज होता है, जिसका उपयोग विशेष रूप से:
- कर्मचारी के ट्रांसफर के दौरान
- एक विभाग से दूसरे विभाग में वेतन व वित्तीय जानकारी ट्रांसफर करने में
LPC में क्या-क्या होगा नया?
संशोधित प्रारूप में कई महत्वपूर्ण बदलाव शामिल किए गए हैं:
🔹 नई जानकारी शामिल
- PRAN (Permanent Retirement Account Number)
- Unique Code Payee
- कर्मचारी का PAN और मोबाइल नंबर
🔹 वेतन और भत्तों का पूरा विवरण
- पे लेवल
- बेसिक पे
- सभी अलाउंस
🔹 कटौतियों और ऋण की जानकारी
- इनकम टैक्स
- GPF/PRAN सब्सक्रिप्शन
- एडवांस और रिकवरी
- अन्य सभी वित्तीय कटौतियां
🔹 सेवा सत्यापन कॉलम
- पूरी सेवा अवधि के सत्यापन के लिए नया कॉलम जोड़ा गया
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क्यों जरूरी था यह बदलाव?
सरकार के अनुसार:
- वित्तीय रिकॉर्ड को डिजिटल और सटीक बनाना
- विभागों के बीच डेटा ट्रांसफर को आसान करना
- पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना
कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?
इस बदलाव के बाद:
- ट्रांसफर के समय प्रक्रिया होगी आसान
- वेतन और कटौतियों में गड़बड़ी की संभावना कम होगी
- रिकॉर्ड अधिक स्पष्ट और ट्रैक करने योग्य होगा
प्रशासनिक व्यवस्था होगी मजबूत
वित्त विभाग का मानना है कि इस फैसले से:
- सरकारी सिस्टम में दक्षता बढ़ेगी
- वित्तीय प्रक्रियाएं तेज होंगी
- ऑडिट और निगरानी आसान होगी
LPC प्रारूप में यह संशोधन हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों के वित्तीय प्रबंधन को आधुनिक, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।

