हरियाणा में पौधारोपण कार्य को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और दीर्घकालिक बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने जानकारी दी कि अब पौधारोपण और उसका रखरखाव एकीकृत टेंडर प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस नई व्यवस्था को इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल से जोड़ा जा रहा है, जिससे निगरानी और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी। इससे वन विभाग को पौधों की गुणवत्ता, रखरखाव और सर्वाइवल रेट पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा।
मंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में नहरों के किनारे फैले अतिक्रमणों को हटाया जाएगा और वहां व्यापक स्तर पर हरियाली विकसित करने का अभियान चलाया जाएगा। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि जल–संरक्षण, मिट्टी कटाव रोकने और सुंदर प्राकृतिक पट्टी विकसित करने में भी मदद मिलेगी।
सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से पौधारोपण के परिणाम बेहतर होंगे और हरियाणा में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लक्ष्य को गति मिलेगी।

