कपूरथला पुलिस ने ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के तहत नशा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए हेरोइन, अफीम और नशीली गोलियों की रिकॉर्ड बरामदगी की।
पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के तहत कपूरथला जिला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। हाल ही में जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अभियान शुरू होने के बाद जिले में नशीले पदार्थों की बरामदगी और तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई राज्य सरकार की सख्त नीति और पुलिस प्रशासन की लगातार निगरानी का परिणाम मानी जा रही है।
आंकड़ों के मुताबिक, एक मार्च 2025 से तीस अप्रैल 2026 तक कपूरथला पुलिस ने कुल 30.4 किलोग्राम हेरोइन बरामद की, जबकि अभियान शुरू होने से पहले की अवधि यानी एक जनवरी 2024 से अट्ठाईस फरवरी 2025 तक केवल 10.6 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। इस प्रकार हेरोइन बरामदगी में लगभग 187 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इसी प्रकार खसखस की बरामदगी में भी भारी इजाफा हुआ है। पहले जहां 170 किलोग्राम खसखस बरामद की गई थी, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 452 किलोग्राम से अधिक पहुंच गया है। अफीम की बरामदगी भी 6.845 किलोग्राम से बढ़कर 11.517 किलोग्राम तक पहुंच गई, जो करीब 68 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
नशीली गोलियों और कैप्सूल की बरामदगी में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। पहले 38,327 गोलियां और कैप्सूल बरामद किए गए थे, जबकि अभियान के दौरान यह संख्या बढ़कर 72,480 तक पहुंच गई। इसके अलावा चरस और बर्फ जैसे नशीले पदार्थों की बरामदगी भी दर्ज की गई, जो पहले लगभग नगण्य थी।
also read : सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में धन्यवाद यात्रा का भव्य आयोजन, सख्त कानून को लेकर अरदास और पंजाब में शांति-अखंडता का संकल्प
केवल बरामदगी ही नहीं, बल्कि पुलिस कार्रवाई के स्तर पर भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अभियान के दौरान पुलिस ने मादक पदार्थ निरोधक कानून के तहत 1498 मामले दर्ज किए और 1867 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इससे पहले की अवधि में केवल 376 मामले दर्ज हुए थे और 481 गिरफ्तारियां की गई थीं। इस प्रकार मामलों में लगभग 298 प्रतिशत और गिरफ्तारियों में 288 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा ने कहा कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चलाया जा रहा यह अभियान नशा तस्करी के खिलाफ निर्णायक लड़ाई साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा लगातार खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है, जिससे नशा तस्करों की सप्लाई श्रृंखला को तोड़ने में सफलता मिल रही है।
अधिकारियों के अनुसार, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस का मुख्य लक्ष्य संगठित नशा गिरोहों को खत्म करना, अंतरराज्यीय नेटवर्क की पहचान करना और बार-बार अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है।
इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू आर्थिक कार्रवाई भी है। पुलिस केवल तस्करों को गिरफ्तार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। कपूरथला पुलिस ने 48 मामलों में कार्रवाई शुरू की है, जिनमें नशा कारोबार से जुड़ी लगभग 9.10 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति शामिल है। इनमें से 8.60 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को जब्त और फ्रीज़ करने के आदेश भी प्राप्त हो चुके हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करों की आर्थिक ताकत को खत्म किए बिना इस समस्या पर पूरी तरह नियंत्रण पाना संभव नहीं है। इसलिए तस्करी नेटवर्क और उनकी आर्थिक जड़ों पर एक साथ कार्रवाई की जा रही है।
अभियान के तहत पुलिस लगातार जागरूकता कार्यक्रम भी चला रही है, ताकि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया जा सके। प्रशासन का कहना है कि पंजाब के युवाओं को सुरक्षित और नशामुक्त भविष्य देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज को नशामुक्त बनाने का दीर्घकालिक मिशन है। आने वाले समय में भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि पंजाब को नशे के खतरे से पूरी तरह मुक्त किया जा सके।

