Women Asia Cup 2026 में भारत ने 8वीं बार खिताब जीता, लेकिन 13 कैच छोड़ने से फील्डिंग पर सवाल उठे। कोच अमोल मजूमदार ने टीम की फील्डिंग और हरमनप्रीत की फॉर्म पर बात की।
Women Asia Cup 2026: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशिया कप का खिताब अपने नाम कर शानदार उपलब्धि हासिल की है। रविवार, 13 सितंबर को दुबई में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप ट्रॉफी जीती। बल्लेबाजी और गेंदबाजी में टीम का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन टूर्नामेंट के दौरान भारतीय टीम की फील्डिंग एक ऐसा पहलू रही, जिसने जरूर चिंता बढ़ाई है।
पांच मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 13 कैच छोड़े। फाइनल में भी टीम से तीन कैच छूटे। हालांकि, इसके बावजूद भारत ने श्रीलंका के खिलाफ एकतरफा जीत दर्ज की। टीम के इस प्रदर्शन के बाद फील्डिंग को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
फील्डिंग पर अमोल मजूमदार ने क्या कहा?
भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने फील्डिंग में हुई गलतियों को स्वीकार किया, लेकिन इसे लेकर ज्यादा चिंता नहीं जताई। उनका कहना है कि टीम इस विभाग में लगातार मेहनत कर रही है और सुधार के लिए खिलाड़ियों को पर्याप्त अभ्यास कराया जा रहा है।
मजूमदार के मुताबिक फील्डिंग में निश्चित तौर पर सुधार की गुंजाइश है, लेकिन टीम ने टूर्नामेंट में कई मौकों पर अच्छा क्षेत्ररक्षण भी किया। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों ने इस क्षेत्र में काफी समय लगाया है और अपनी फील्डिंग बेहतर करने के लिए लगातार अभ्यास कर रहे हैं।
दुबई की लाइटिंग भी बनी चुनौती
अमोल मजूमदार ने दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि रात के समय यहां कैच पकड़ना कई बार चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
दुबई के मैदान में पारंपरिक फ्लडलाइट टावरों की जगह स्टेडियम की छत के किनारों पर एलईडी लाइट्स लगी हुई हैं। ऐसे में गेंद को हवा में ट्रैक करते समय खिलाड़ियों को अलग तरह की रोशनी का सामना करना पड़ता है। हालांकि, कोच ने फील्डिंग की कमियों के लिए इसे पूरी तरह जिम्मेदार नहीं ठहराया।
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भारत ने आठवीं बार जीता महिला एशिया कप
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 72 रन की बड़ी जीत हासिल की। इस जीत के साथ भारत ने महिला एशिया कप में अपना दबदबा बरकरार रखा और रिकॉर्ड आठवीं बार चैंपियन बना।
टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में प्रभावी प्रदर्शन किया। हालांकि, कैच छोड़ने की लगातार घटनाओं ने टीम मैनेजमेंट के सामने फील्डिंग को सुधारने की चुनौती जरूर रख दी है।
मध्यक्रम की बल्लेबाजी को लेकर भी कोच ने साफ की स्थिति
एशिया कप के दौरान भारतीय महिला टीम के मध्यक्रम के प्रदर्शन को लेकर भी सवाल उठाए गए। कुछ मुकाबलों में मध्यक्रम के बल्लेबाजों से अपेक्षित योगदान नहीं मिल पाया। हालांकि, अमोल मजूमदार ने इसे बड़ी चिंता मानने से इनकार किया।
उन्होंने कहा कि टीम ने दुबई की परिस्थितियों को देखते हुए अच्छे स्कोर बनाए हैं। उनके अनुसार हर मुकाबले में टीम के सभी बल्लेबाजों से रन की उम्मीद करना संभव नहीं होता।
स्मृति और शेफाली की ओपनिंग जोड़ी ने किया प्रभावित
कोच ने टीम की सलामी जोड़ी स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के प्रदर्शन की भी तारीफ की। दोनों बल्लेबाजों ने टीम को कई मौकों पर तेज और मजबूत शुरुआत दिलाई।
मजूमदार के मुताबिक जब ओपनिंग जोड़ी लगातार अच्छी शुरुआत देती है तो टीम के लिए आगे के बल्लेबाजों पर दबाव कम हो जाता है। इसलिए मध्यक्रम को लेकर फिलहाल टीम मैनेजमेंट चिंतित नहीं है।
हरमनप्रीत कौर की फॉर्म पर भी बोले कोच
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर की फॉर्म को लेकर उठ रहे सवालों को भी अमोल मजूमदार ने खारिज किया। उन्होंने संकेत दिया कि टीम का ध्यान व्यक्तिगत आंकड़ों से ज्यादा परिस्थितियों के मुताबिक सामूहिक प्रदर्शन पर है।
भारत ने एशिया कप का खिताब जीतकर अपनी ताकत साबित कर दी है, लेकिन आगामी बड़ी प्रतियोगिताओं से पहले फील्डिंग में सुधार टीम के लिए अहम होगा। अगर भारतीय खिलाड़ी कैचिंग और ग्राउंड फील्डिंग में गलतियों को कम करने में सफल रहते हैं, तो टीम की चुनौतीपूर्ण मुकाबलों में स्थिति और मजबूत हो सकती है।

