मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड के 11 पर्वतीय जिलों में चकबंदी नीति लागू, किसानों को खेती में सुविधा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों की वर्षों पुरानी मांग और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने 11 पर्वतीय जिलों में स्वैच्छिक एवं आंशिक चकबंदी नीति लागू करने की घोषणा की है।
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किसानों के लिए ऐतिहासिक कदम
इस नई नीति के तहत पहाड़ी क्षेत्रों में फैले छोटे-छोटे और बिखरे हुए खेतों का एकीकरण किया जाएगा। इससे किसानों को खेती करने में आसानी होगी और कृषि कार्य अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बन सकेगा।
सरकार का मानना है कि यह कदम लंबे समय से चली आ रही कृषि संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद करेगा और पर्वतीय कृषि व्यवस्था को नई दिशा देगा।
पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों की वर्षों पुरानी मांग और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने 11 पर्वतीय जिलों में स्वैच्छिक/आंशिक चकबंदी नीति लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
चकबंदी व्यवस्था से छोटे-छोटे बिखरे खेतों के एकीकरण का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे किसानों को… pic.twitter.com/ObDF94xrvW
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 12, 2026
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
चकबंदी व्यवस्था लागू होने से न केवल कृषि उत्पादन में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। एकीकृत भूमि व्यवस्था से खेती की लागत घटेगी और उत्पादकता बढ़ेगी, जिससे किसानों की आय में सुधार की संभावना है। सरकार का लक्ष्य है कि पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि को अधिक आधुनिक, संगठित और लाभकारी बनाया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विजन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि चकबंदी नीति से पहाड़ी क्षेत्रों में कृषि विकास को नई गति मिलेगी और किसानों को वास्तविक लाभ प्राप्त होगा।

