UPI MDR Charge: UPI MDR नियम से Paytm की पैरेंट कंपनी One97 Communications की EBITDA में 40-70% बढ़ोतरी का अनुमान है। जानें नए नियमों का शेयर पर असर।
UPI MDR Charge: यूपीआई पेमेंट को लेकर नए MDR नियम से जहां मर्चेंट्स की लागत बढ़ सकती है, वहीं डिजिटल पेमेंट कंपनी Paytm के लिए यह बदलाव कमाई बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। ब्रोकरेज फर्म Goldman Sachs के अनुमान के मुताबिक, नए MDR नियमों से Paytm की पैरेंट कंपनी One97 Communications की EBITDA में वित्त वर्ष 2028 तक 40% से 70% तक की वृद्धि संभव है।
नए नियमों के लागू होने से डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा नया रेवेन्यू पूल भी तैयार होने का अनुमान है। Goldman Sachs ने इसका आकार करीब ₹20,600 करोड़ बताया है। हालांकि, इस बदलाव का वास्तविक लाभ कंपनियों को कितना मिलेगा, यह MDR से मिलने वाली रकम और अलग-अलग कंपनियों के बीच उसके बंटवारे पर निर्भर करेगा।
₹2,000 से ज्यादा के UPI P2M पेमेंट पर लगेगा MDR
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के Person-to-Merchant (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लगाया जाएगा। वहीं, Person-to-Person यानी P2P ट्रांजैक्शन पर कोई MDR नहीं लगेगा।
₹75,000 से अधिक के लेन-देन के लिए MDR की अधिकतम सीमा ₹300 निर्धारित की गई है। कुछ खास कैटेगरी में अलग दरें लागू होंगी। रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और कृषि से जुड़े सामानों के लिए MDR की दर ₹5 रखी गई है।
इसके अलावा म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज और स्टॉकब्रोकर से जुड़े भुगतान पर MDR 0.02% होगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 होगी।
Paytm की कमाई में हो सकता है इजाफा
Goldman Sachs ने Paytm के लिए टॉप-डाउन और बॉटम-अप दोनों तरीकों से विश्लेषण किया है। ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक, वित्त वर्ष 2028 में One97 Communications की EBITDA में करीब ₹1,400 करोड़ तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो सकती है।
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि बाजार में प्रतिस्पर्धा और MDR से मिलने वाली रकम के बंटवारे के कारण वास्तविक फायदा अनुमान से कम हो सकता है।
यानी नए MDR सिस्टम से Paytm को फायदा मिलने की संभावना है, लेकिन इसका पूरा असर कंपनी की बाजार हिस्सेदारी, मर्चेंट बेस और रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर निर्भर करेगा।
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इंडस्ट्री के लिए बनेगा बड़ा रेवेन्यू पूल
Goldman Sachs के मुताबिक नए MDR नियमों के बाद डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री के लिए करीब ₹20,600 करोड़ का नया रेवेन्यू अवसर तैयार हो सकता है। वहीं, कुछ अन्य अनुमानों में इस नए रेवेन्यू पूल का आकार करीब ₹16,000 करोड़ बताया गया है।
इस बदलाव का असर सिर्फ Paytm तक सीमित नहीं रहेगा। UPI इकोसिस्टम से जुड़ी अन्य कंपनियां और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स भी नए शुल्क ढांचे से प्रभावित हो सकते हैं।
Paytm के शेयर में दिखी तेजी
MDR को लेकर चर्चा शुरू होने के बाद से Paytm के शेयर में भी तेजी देखने को मिली है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 2026 की शुरुआत से अब तक Paytm के शेयर में 30% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है।
निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि नए MDR नियमों का कंपनी के रेवेन्यू और EBITDA पर वास्तविक प्रभाव कितना पड़ता है।
ब्रोकरेज की Paytm पर क्या राय है?
Paytm को कवर करने वाले एनालिस्ट्स के बीच भी कंपनी को लेकर सकारात्मक राय देखने को मिल रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 24 एनालिस्ट्स में से 18 ने शेयर के लिए Buy, जबकि 6 ने Hold रेटिंग दी है।
ब्रोकरेज फर्म Bernstein ने भी Paytm का टार्गेट प्राइस बढ़ाकर ₹2,200 किया था और शेयर पर Outperform रेटिंग बरकरार रखी थी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि Paytm का IPO प्राइस ₹2,150 था, जबकि शेयर की लिस्टिंग ₹1,955 पर हुई थी। अगर शेयर ₹2,200 के स्तर तक पहुंचता है, तो यह IPO प्राइस से ऊपर का स्तर होगा।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
नए UPI MDR नियम Paytm के लिए संभावित रूप से अतिरिक्त रेवेन्यू का रास्ता खोल सकते हैं। हालांकि, निवेशकों को केवल MDR से होने वाले संभावित फायदे के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए।
कंपनी की भविष्य की कमाई, प्रतिस्पर्धा, MDR की वास्तविक हिस्सेदारी, रेगुलेटरी बदलाव और शेयर के मौजूदा वैल्यूएशन जैसे कारक भी महत्वपूर्ण होंगे। ब्रोकरेज के अनुमान संभावित परिदृश्य बताते हैं, इन्हें कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।

