Sensex Nifty Today: GIFT Nifty, कच्चे तेल और एशियाई बाजारों के संकेतों से भारतीय शेयर बाजार पर असर जानें। सेंसेक्स और निफ्टी के अहम सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तर देखें।
Sensex Nifty Today: भारतीय शेयर बाजार के लिए बुधवार, 16 सितंबर का कारोबारी सत्र वैश्विक संकेतों के बीच महत्वपूर्ण रहने वाला है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच घरेलू बाजार में कारोबार की शुरुआत दबाव के साथ होने के संकेत मिल रहे हैं। एशियाई बाजारों में भी बुधवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला।
इस बीच निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसले पर भी बनी हुई है। वैश्विक बाजारों में इस फैसले को लेकर सतर्कता देखने को मिल रही है।
GIFT Nifty से मिले कमजोर शुरुआत के संकेत
बुधवार सुबह GIFT Nifty करीब 23,214.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से लगभग 9.40 अंक नीचे था। इससे भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान हल्का दबाव रहने के संकेत मिल रहे थे।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक बाजारों की दिशा आज के कारोबार के लिए अहम कारक रहेंगे।
मंगलवार को Sensex और Nifty में बड़ी गिरावट
इससे पहले मंगलवार, 15 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। Sensex 777.94 अंक यानी 1.04 फीसदी की गिरावट के साथ 74,003.82 पर बंद हुआ।
वहीं, Nifty 50 करीब 280 अंक यानी 1.19 फीसदी टूटकर 23,118.60 के स्तर पर बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। बीएसई मिडकैप इंडेक्स में करीब 2.17 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स में लगभग 2.40 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में कमजोरी के पीछे कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी को प्रमुख कारणों में गिना जा रहा है।
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Sensex का आज कैसा रह सकता है रुख?
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, सेंसेक्स में मंगलवार को तेज गिरावट के बाद बाजार में ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। इंडेक्स दिन के दौरान 75,000 के ऊपर टिक नहीं सका और कमजोर होकर 74,000 के आसपास बंद हुआ।
तकनीकी नजरिए से 73,500 से 74,000 का क्षेत्र सेंसेक्स के लिए अहम सपोर्ट जोन माना जा रहा है। वहीं 74,800 से 75,000 के बीच का स्तर नजदीकी प्रतिरोध क्षेत्र हो सकता है।
74,000 के ऊपर बाजार टिकता है तो कुछ स्थिरता देखने को मिल सकती है। इसके उलट इस स्तर के नीचे कमजोरी बनी रहने पर बिकवाली का दबाव जारी रह सकता है।
Nifty 50 के लिए 23,000 अहम स्तर
Nifty 50 भी मंगलवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। दैनिक चार्ट पर बनी बड़ी मंदी वाली कैंडल बाजार में बिकवाली के दबाव को दर्शाती है।
तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक 23,000 का स्तर निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट बना हुआ है। वहीं 23,350 से 23,500 के बीच का क्षेत्र नजदीकी प्रतिरोध के तौर पर देखा जा रहा है।
अगर निफ्टी 23,000 के नीचे निर्णायक रूप से बंद होता है, तो तकनीकी स्तरों पर 22,500-22,600 के क्षेत्र की ओर कमजोरी बढ़ने की संभावना पर बाजार नजर रख सकता है। हालांकि, ओवरसोल्ड स्थिति के कारण बीच में तकनीकी उछाल भी देखने को मिल सकता है।
अमेरिकी फेड के फैसले पर बाजार की नजर
अमेरिकी शेयर बाजार के निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक के नतीजे पर है। ब्याज दरों को लेकर फेड का फैसला वैश्विक इक्विटी बाजारों की दिशा को प्रभावित कर सकता है।
ब्याज दरों और आगे की मौद्रिक नीति को लेकर फेड के संकेतों का असर अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड और उभरते बाजारों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में भारतीय शेयर बाजार के निवेशक भी इस फैसले पर नजर बनाए हुए हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
कच्चे तेल के मोर्चे पर भी बाजार में हलचल बनी हुई है। अमेरिकी क्रूड इन्वेंट्री में अप्रत्याशित बढ़ोतरी के बाद बुधवार को तेल की कीमतों में कुछ नरमी दिखाई दी।
सुबह के कारोबार में ब्रेंट क्रूड करीब 107.82 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड लगभग 104.86 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था।
भारत के लिए कच्चे तेल की कीमतें खास महत्व रखती हैं, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। इसलिए तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी महंगाई और व्यापार संतुलन जैसे मुद्दों पर बाजार की चिंता बढ़ा सकती है।
जापान का Nikkei रहा लगभग सपाट
एशियाई बाजारों में जापान का Nikkei 225 बुधवार को शुरुआती कारोबार में लगभग सपाट रहा। शुरुआती कारोबार में इंडेक्स करीब 0.03 फीसदी नीचे 63,462.01 के स्तर पर था।
दूसरी ओर, व्यापक TOPIX इंडेक्स करीब 0.79 फीसदी की बढ़त के साथ 4,069.02 के आसपास कारोबार कर रहा था। निवेशकों की नजर अमेरिका के फेडरल रिजर्व के फैसले के साथ-साथ जापान के केंद्रीय बैंक की आगामी मौद्रिक नीति घोषणा पर भी है।
दक्षिण कोरिया का KOSPI भी दबाव में
दक्षिण कोरिया का KOSPI इंडेक्स बुधवार को लगभग स्थिर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं स्मॉल-कैप शेयरों वाला KOSDAQ करीब 0.69 फीसदी नीचे था।
एशियाई बाजारों में निवेशक इस समय वैश्विक ब्याज दरों, बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों से जुड़े संकेतों का आकलन कर रहे हैं।
ताइवान बाजार में तेजी
ताइवान के शेयर बाजार में बुधवार को शुरुआती कारोबार में मजबूती देखने को मिली। TAIEX इंडेक्स करीब 0.42 फीसदी की बढ़त के साथ 45,701.49 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। एशियाई बाजारों का यह मिला-जुला रुख भारतीय बाजार की शुरुआत के लिए भी एक महत्वपूर्ण वैश्विक संकेत माना जा सकता है।
निवेशकों के लिए आज कौन से संकेत अहम?
बुधवार के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में कई वैश्विक और घरेलू कारक महत्वपूर्ण रहेंगे। इनमें GIFT Nifty, कच्चे तेल की कीमत, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, फेडरल रिजर्व का फैसला और एशियाई बाजारों की चाल प्रमुख हैं।
तकनीकी स्तरों पर निफ्टी के लिए 23,000 और सेंसेक्स के लिए 74,000 के आसपास के स्तर बाजार की नजर में रह सकते हैं। हालांकि, बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के बीच केवल एक तकनीकी स्तर के आधार पर निवेश का फैसला नहीं किया जाना चाहिए।

