नाना पाटेकर और मनीषा कोइराला के कथित अफेयर पर ‘अग्नि साक्षी’ के राइटर रणबीर पुष्प ने खुलकर बात की और दोनों की बॉन्डिंग का राज बताया।
बॉलीवुड के 90 के दशक की कई फिल्मी जोड़ियों और उनके रिश्तों की चर्चाएं आज भी लोगों की दिलचस्पी का विषय बनी रहती हैं। इसी कड़ी में अभिनेता नाना पाटेकर और अभिनेत्री मनीषा कोइराला के कथित रिश्ते का जिक्र भी अक्सर सामने आता रहा है। दोनों ने फिल्म ‘अग्नि साक्षी’ में साथ काम किया था और उस दौर में उनकी नजदीकियों को लेकर मीडिया में कई तरह की चर्चाएं हुई थीं।
अब फिल्म के लेखक रणबीर पुष्प ने नाना और मनीषा की बॉन्डिंग को लेकर अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने दोनों के बीच दोस्ती और अच्छी समझ जरूर देखी, लेकिन उनके रिश्ते को कभी रोमांटिक नजरिए से नहीं देखा।
नाना और मनीषा के बीच कैसी थी बॉन्डिंग?
सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत के दौरान रणबीर पुष्प ने फिल्म के सेट पर नाना पाटेकर और मनीषा कोइराला के बीच की बॉन्डिंग को याद किया। उनके मुताबिक, दोनों कलाकार एक-दूसरे के साथ काफी सहज थे और उनके बीच अच्छी आपसी समझ थी।
रणबीर ने बताया कि दोनों कलाकार अपने सीन को लेकर बातचीत करते थे और साथ काम करते हुए उनकी समझ का असर उनकी स्क्रीन परफॉर्मेंस में भी दिखाई देता था।
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क्या दोनों के बीच रोमांटिक रिश्ता था?
जब रणबीर से नाना और मनीषा के कथित रोमांस को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि दोनों के बीच नजदीकी और दोस्ती जरूर थी, लेकिन उन्होंने कभी इसे रोमांटिक रिश्ते के तौर पर नहीं देखा।
उन्होंने बातचीत में कहा कि इसे रोमांस कहा जाए या दोस्ती, यह कहना मुश्किल है। उनके अनुसार, दोनों एक-दूसरे के काफी करीब थे और उनके बीच अच्छी समझ थी, लेकिन उन्हें कभी ऐसा नहीं लगा कि उनके बीच दोस्ती से अलग कोई रिश्ता है।
‘मैंने उस नजरिए से कभी नहीं सोचा’
रणबीर पुष्प से जब पूछा गया कि क्या उन्हें नाना और मनीषा की दोस्ती सामान्य दोस्ती से अधिक गहरी महसूस होती थी, तो उन्होंने माना कि दोनों की बॉन्डिंग मजबूत थी।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी दोनों के रिश्ते को रोमांटिक दृष्टि से नहीं देखा। रणबीर के मुताबिक, सेट पर उनका ध्यान मुख्य रूप से फिल्म के काम और शूटिंग पर रहता था। बाद में जब अखबारों में दोनों के रिश्ते से जुड़ी खबरें पढ़ने को मिलीं, तब उन्हें इस तरह की चर्चाओं के बारे में पता चला।
सेट पर काम पर रहता था पूरा ध्यान
रणबीर ने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान वह कलाकारों की निजी जिंदगी पर ध्यान देने के बजाय अपने काम में व्यस्त रहते थे। उनका कहना था कि वह अपना काम पूरा करते, शूटिंग देखते और फिर अपने दूसरे काम में लग जाते थे।
इसलिए नाना पाटेकर और मनीषा कोइराला के कथित रिश्ते को लेकर उस समय चल रही चर्चाओं का उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला।
1996 में रिलीज हुई थी ‘अग्नि साक्षी’
पार्थो घोष के निर्देशन में बनी ‘अग्नि साक्षी’ साल 1996 में रिलीज हुई थी। फिल्म में नाना पाटेकर, मनीषा कोइराला और जैकी श्रॉफ ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई थीं। यह फिल्म साइकोलॉजिकल थ्रिलर कहानी पर आधारित थी।
फिल्म के बाद नाना और मनीषा की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री के साथ-साथ उनकी ऑफ-स्क्रीन बॉन्डिंग को लेकर भी चर्चाएं होती रहीं। हालांकि, रणबीर पुष्प का हालिया बयान उनके व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है और दोनों के बीच किसी रोमांटिक रिश्ते की पुष्टि नहीं करता।
यानी 90 के दशक से चली आ रही इन चर्चाओं के बीच रणबीर ने केवल इतना बताया है कि उन्होंने दोनों कलाकारों के बीच अच्छी दोस्ती और आपसी समझ देखी थी।

