मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश दिए। 400 टन से अधिक स्टॉक रखने वाले डीलरों पर कार्रवाई होगी और बाजार में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में चीनी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने चीनी की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्ती बरतने के निर्देश देते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा।
यूपी की चीनी मिलों में 179.38 लाख क्विंटल स्टॉक
राज्य सरकार के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों में फिलहाल करीब 179.38 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक उपलब्ध है। इसमें सहकारी चीनी मिलों के पास 23.60 लाख क्विंटल, कॉरपोरेशन की चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख क्विंटल स्टॉक शामिल है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और किसी भी स्तर पर कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश न हो।
30 दिन से ज्यादा स्टॉक रखने पर नजर
योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि कोई व्यक्ति या संस्था निर्धारित सीमा से अधिक समय तक चीनी का भंडारण न करे। उन्होंने खास तौर पर 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखने वाले डीलरों की निगरानी और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
सरकार के अनुसार, जमाखोरी या कालाबाजारी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ ESMA और अन्य लागू नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
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48 लाख गन्ना किसानों को 3,217 करोड़ रुपये का भुगतान
समीक्षा के दौरान गन्ना किसानों को किए गए भुगतान की जानकारी भी सामने आई। सरकार के मुताबिक, करीब 48 लाख किसानों को कुल 3,217 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। सरकार ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश में आगामी गन्ना पेराई सीजन 15 अक्टूबर से शुरू होने की तैयारी है।
चीनी की बढ़ती कीमतों पर केंद्र की भी नजर
देश में हाल के दिनों में चीनी की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। केंद्र सरकार के अनुसार, कीमतों में बदलाव के पीछे घरेलू उत्पादन में अपेक्षा से कमी, त्योहारी सीजन से पहले मांग में वृद्धि, मौसम के कारण गन्ने की फसल पर असर और वैश्विक आपूर्ति से जुड़े कारक शामिल हैं। इसके अलावा सट्टेबाजी और जमाखोरी को भी संभावित कारणों में शामिल किया गया है।
केंद्र सरकार ने कहा है कि बाजार की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त आपूर्ति तथा कीमतों में स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इथेनॉल उत्पादन को लेकर सरकार ने दी सफाई
केंद्र ने चीनी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के लिए इथेनॉल उत्पादन में चीनी के इस्तेमाल को मुख्य वजह मानने से इनकार किया है। सरकार के अनुसार, इथेनॉल उत्पादन में चीनी के इस्तेमाल की हिस्सेदारी 2022-23 में करीब 12 प्रतिशत से घटकर 2025-26 में लगभग 9 प्रतिशत रह गई है। साथ ही, देश के करीब तीन-चौथाई इथेनॉल उत्पादन में अब अनाज, विशेष रूप से मक्का, का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार का फोकस बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी व कालाबाजारी पर प्रभावी कार्रवाई करने पर है।

