उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 18,000 और अनुदेशकों का 17,000 रुपये किया गया, मई से मिलेगा लाभ।
उत्तर प्रदेश में लाखों शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि करते हुए इसे 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है, जबकि अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया गया है। यह नई दरें 1 मई से लागू होंगी और सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएंगी।
इस महत्वपूर्ण फैसले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले वर्ष 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के अवसर पर घोषित किया था, जिसे अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू कर दिया गया है। इस निर्णय से राज्य के लाखों शिक्षाकर्मियों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और उनका मनोबल भी बढ़ेगा।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के अनुसार, प्रदेश में कुल 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं, जिनमें से 1,29,332 शिक्षामित्रों का मानदेय केंद्र और राज्य सरकार के 60:40 अनुपात में दिया जाता रहा है। इस बढ़ोतरी के बाद इन शिक्षामित्रों के लिए 1,138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। वहीं 13,597 ऐसे शिक्षामित्र हैं जिनका पूरा मानदेय राज्य सरकार देती है, जिन पर 119.65 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
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इसके अलावा प्रदेश के 13,769 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि से सरकार पर 217.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। कुल मिलाकर इस फैसले से राज्य सरकार पर लगभग 1,475 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा, लेकिन सरकार इसे शिक्षा क्षेत्र में निवेश के रूप में देख रही है।
अगर इतिहास पर नजर डालें तो शिक्षामित्रों के मानदेय में समय-समय पर बढ़ोतरी होती रही है। वर्ष 1999 में 1,500 रुपये से शुरू हुआ यह मानदेय 2005 में 2,400 रुपये और 2007 में 3,000 रुपये हुआ। वर्ष 2017 में इसे बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया और अब 2026 में यह बढ़कर 18,000 रुपये तक पहुंच गया है, जो अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि मानी जा रही है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से न केवल शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि शिक्षा प्रणाली में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। बेहतर वेतन से शिक्षकों की कार्यक्षमता और जिम्मेदारी बढ़ेगी, जिससे छात्रों को भी बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।
कुल मिलाकर, यूपी शिक्षामित्र मानदेय में यह बढ़ोतरी राज्य सरकार की शिक्षा क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है और यह कदम आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।

