सोमवती अमावस्या 2026: 15 जून को साल की पहली सोमवती अमावस्या। जानें शुभ मुहूर्त, स्नान-दान का समय, पूजा विधि और विशेष उपाय।
सोमवती अमावस्या 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है, लेकिन जब अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। वर्ष 2026 की पहली सोमवती अमावस्या 15 जून को पड़ रही है। इस बार यह अमावस्या अधिकमास में आ रही है, जिससे इसका महत्व कई गुना बढ़ गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन स्नान, दान, पितृ तर्पण, भगवान विष्णु की पूजा और सुहागिन महिलाओं द्वारा व्रत रखने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
कब है सोमवती अमावस्या 2026?
पंचांग के अनुसार अधिकमास की अमावस्या तिथि 14 जून 2026 को दोपहर 12:19 बजे प्रारंभ होगी और 15 जून 2026 को सुबह 8:23 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार सोमवती अमावस्या का व्रत और धार्मिक अनुष्ठान 15 जून को किए जाएंगे।
स्नान-दान का शुभ मुहूर्त
स्नान-दान का समय: सुबह 7:07 बजे से दोपहर 12:21 बजे तक
इस अवधि में पवित्र नदी या घर में गंगाजल मिश्रित जल से स्नान कर दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ माना गया है।
सोमवती अमावस्या का धार्मिक महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार अमावस्या के दिन श्रद्धा भाव से स्नान और दान करने से पितरों की आत्मा को तृप्ति मिलती है। मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कार्यों का कई गुना फल प्राप्त होता है। विशेष रूप से अधिकमास में आने वाली अमावस्या को भगवान विष्णु और पितृदेवों की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर माना गया है।
सुहागिन महिलाओं के लिए क्यों खास है यह दिन?
भविष्योत्तर पुराण में सोमवती अमावस्या को विवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत फलदायी बताया गया है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना से व्रत रखती हैं। पीपल वृक्ष की पूजा और परिक्रमा करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
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सोमवती अमावस्या 2026 के प्रभावशाली उपाय
1. पीपल वृक्ष की पूजा और परिक्रमा
सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु और पीपल वृक्ष का पूजन करें। 108 बार परिक्रमा करते हुए मंत्र जाप करें और कच्चा सूत बांधें। मान्यता है कि इससे आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।
2. काली चींटियों को भोजन कराएं
गेहूं के आटे में चीनी मिलाकर काली चींटियों को खिलाएं। यह उपाय जीवन के कष्टों को कम करने और शुभ फल प्राप्त करने वाला माना जाता है।
3. धन वृद्धि के लिए दीपक जलाएं
अमावस्या की शाम घर के ईशान कोण में घी का दीपक जलाएं। दीपक में लाल धागे की बत्ती और थोड़ा केसर डालने से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
4. अखंड सौभाग्य के लिए शिव पूजन
सुहागिन महिलाएं इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर व्रत रखें। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य बना रहता है।
सोमवती अमावस्या पर क्या करें?
- ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
- भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान विष्णु की पूजा करें।
- पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म करें।
- गरीबों और जरूरतमंदों को दान दें।
- धार्मिक मंत्रों का जाप और ध्यान करें।
क्या न करें?
- तामसिक भोजन का सेवन न करें।
- किसी का अपमान या अनादर करने से बचें।
- क्रोध, विवाद और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
- अनावश्यक खर्च और गलत कार्यों से बचें।

