सावन कामिका एकादशी 2026 पर इन 5 शुभ स्थानों पर दीपक जलाने की मान्यता है। जानें तुलसी, मंदिर, पीपल और बेलपत्र के पास दीपदान का महत्व।
सावन कामिका एकादशी 2026: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। इसी पावन महीने में आने वाली एकादशी का भी धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व होता है। सावन कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और दीपदान करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आने की कामना की जाती है।
साल 2026 में कामिका एकादशी का पर्व 9 अगस्त को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन शाम के समय कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाने से भगवान विष्णु और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं वे पांच स्थान जहां दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
1. तुलसी के पौधे के पास जलाएं दीपक
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बेहद पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी भगवान विष्णु को प्रिय हैं और उनकी पूजा में तुलसी दल का विशेष महत्व होता है।
कामिका एकादशी की शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाने की परंपरा है। माना जाता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
2. घर के मुख्य द्वार पर करें दीपदान
वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में घर के मुख्य द्वार को विशेष स्थान दिया गया है। इसे घर में ऊर्जा के प्रवेश का रास्ता माना जाता है।
कामिका एकादशी के दिन शाम को घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर दीपक जलाने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-शांति का वातावरण बना रहता है।
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3. पूजा स्थान या मंदिर में जलाएं दीपक
एकादशी के दिन घर के पूजा स्थान में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के सामने दीपक जलाना शुभ माना जाता है। श्रद्धा और भक्ति भाव से प्रज्वलित किया गया दीपक मन को शांति प्रदान करता है और भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा मिलने की मान्यता है।
4. पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं दीपक
हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ को देवताओं का वास स्थान माना गया है। कई धार्मिक परंपराओं में पीपल की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।
कामिका एकादशी की शाम पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने की मान्यता है। ऐसा करने से पितरों की शांति और जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की कामना की जाती है।
5. बेलपत्र के पेड़ के पास करें दीपदान
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। हालांकि कामिका एकादशी भगवान विष्णु की आराधना का दिन है, लेकिन सावन होने के कारण शिव पूजा का भी विशेष महत्व रहता है।
इस दिन शिव मंदिर या बेलपत्र के पेड़ के पास दीपक जलाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की कृपा प्राप्त होती है।
सावन कामिका एकादशी पर दीपदान का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन की कामिका एकादशी पर पूजा, व्रत और दीपदान करने से भक्तों को मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होने की कामना की जाती है।

