सरकारी स्कूल के निरीक्षण के दौरान CJP स्वयंसेवकों पर कथित हमले को लेकर अरविंद केजरीवाल ने BJP पर निशाना साधा। विवाद में कई दावे सामने आए।
राजस्थान में एक सरकारी स्कूल के निरीक्षण के दौरान CJP स्वयंसेवकों के साथ कथित मारपीट और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर निशाना साधा है। हालांकि, घटना को लेकर अलग-अलग पक्षों की अलग-अलग दलीलें सामने आई हैं।
केजरीवाल ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि राजस्थान में सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे CJP स्वयंसेवकों पर कथित तौर पर हमला किया गया। उन्होंने दावा किया कि स्वयंसेवकों के साथ मारपीट की गई, उनके कपड़े फाड़े गए और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया।
केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि स्वयंसेवक बच्चों की शिक्षा और स्कूल की स्थिति को लेकर आवाज उठा रहे थे, तो उनके साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया गया। उन्होंने भाजपा से जुड़े लोगों पर घटना के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया।
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CJP संस्थापक ने भी लगाया हमले का आरोप
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि राजस्थान के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल का दौरा करने के दौरान संगठन के सह-संयोजक आशुतोष रांका और अन्य स्वयंसेवकों पर कथित हमला हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि घटना में कई स्वयंसेवक घायल हुए और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई।
आशुतोष रांका ने क्या कहा?
CJP सह-संयोजक आशुतोष रांका ने समाचार एजेंसी को दिए बयान में दावा किया कि गांव में प्रवेश करने के बाद ही स्वयंसेवकों के साथ विवाद शुरू हो गया था। उनके अनुसार, कथित तौर पर पत्थरबाजी की गई और वाहनों में तोड़फोड़ की गई।
रांका ने आरोप लगाया कि टीम में शामिल महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया और उनके मोबाइल फोन को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने कथित हमले में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को राज्य के अन्य हिस्सों तक ले जाया जाएगा।
ये सब क्या हो रहा है देश में? बीजेपी के गुंडों ने CJP के वॉलंटियर्स पर बुरी तरह से हमला कर दिया। मार-पीट की, कपड़े फाड़े और गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए।
ये सब सिर्फ इसलिए कि वे बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए आवाज़ न उठा सकें? बच्चे पढ़-लिख गए, तो इससे बीजेपी को क्या तकलीफ़… https://t.co/vM7UIth3pP
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 21, 2026
स्कूल की स्थिति को लेकर उठाया गया था मुद्दा
CJP की टीम का कहना है कि संबंधित सरकारी स्कूल की स्थिति खराब है और बच्चे बेहतर सुविधाओं के हकदार हैं। संगठन के प्रतिनिधियों ने स्कूल की मरम्मत और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाने की बात कही है। रांका के अनुसार, स्कूल लंबे समय से अस्थायी व्यवस्था में चल रहा है और संगठन इसका समाधान चाहता है।
ग्रामीणों ने आरोपों पर अलग पक्ष रखा
वहीं, एक ग्रामीण ने इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग नहीं देने की अपील की। ग्रामीण के मुताबिक, स्कूल के लिए पहले ही 12 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी है और गांव के लोग स्वयं स्कूल के निर्माण में योगदान देने को तैयार हैं।
ग्रामीण ने यह भी कहा कि गांव के लोग बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप के बजाय स्कूल से जुड़े मुद्दे का स्थानीय स्तर पर समाधान चाहते हैं।
मामले में सामने आए अलग-अलग दावे
घटना को लेकर CJP और ग्रामीणों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। CJP प्रतिनिधियों ने कथित हमले और पुलिस की निष्क्रियता का आरोप लगाया है, जबकि ग्रामीणों ने स्कूल के लिए सरकारी राशि स्वीकृत होने की बात कही है।
फिलहाल, पूरे विवाद को लेकर सामने आए आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। घटना के बाद राजस्थान में सरकारी स्कूल, शिक्षा व्यवस्था और राजनीतिक टकराव को लेकर बहस तेज हो गई है।

