पंजाब में वित्तीय वर्ष 2025-26 में GST संग्रह 12.52% बढ़कर ₹26,601 करोड़ पहुंचा, मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दी जानकारी।
पंजाब में वित्तीय सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। राज्य के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य के वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में 12.52% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई है।
उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में लागू की गई पारदर्शी और प्रभावी वित्तीय नीतियों को दिया है।
📊 GST संग्रह में ऐतिहासिक उछाल
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पंजाब का कुल शुद्ध जीएसटी संग्रह वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹26,601.12 करोड़ हो गया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के ₹23,642.08 करोड़ की तुलना में ₹2,959.04 करोड़ अधिक है।
इसके अलावा, मार्च 2026 के महीने में ही 16.6% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें राज्य ने ₹2,231.93 करोड़ का संग्रह किया।
💼 पारदर्शी नीतियों का असर
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह वृद्धि राज्य सरकार के मजबूत वित्तीय प्रबंधन और ईमानदार प्रशासन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि सरकार ने टैक्स प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाने के साथ-साथ उन्नत तकनीकों का उपयोग कर कर चोरी पर भी प्रभावी नियंत्रण किया है।
उन्होंने कहा कि डेटा एनालिटिक्स जैसे आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल से टैक्स कलेक्शन में पारदर्शिता बढ़ी है और राजस्व में सुधार देखने को मिला है।
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⚙️ GST 2.0 चुनौतियों के बावजूद प्रदर्शन
मंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार की नई जीएसटी नीतियों (GST 2.0) के चलते शुरुआती दौर में कुछ चुनौतियां सामने आई थीं, लेकिन पंजाब ने इन परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय औसत से अधिक वृद्धि दर्ज की है।
🌾 वेलफेयर स्टेट मॉडल पर फोकस
सरकार का कहना है कि राज्य ने सामाजिक कल्याण योजनाओं को जारी रखते हुए आर्थिक संतुलन बनाए रखा है। सब्सिडी और जनहित योजनाओं को प्रभावित किए बिना राजस्व में वृद्धि करना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार का फोकस एक ऐसे ‘वेलफेयर स्टेट’ मॉडल पर है, जहां विकास और जनकल्याण साथ-साथ आगे बढ़ें।
📈 अन्य राज्यों के लिए उदाहरण
जहां कई राज्य राजस्व वृद्धि में गिरावट या स्थिरता का सामना कर रहे हैं, वहीं पंजाब का प्रदर्शन एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर कर प्रबंधन और तकनीक के उपयोग से राज्य ने वित्तीय स्थिरता हासिल की है।
⭐ निष्कर्ष
पंजाब में GST संग्रह में आई यह वृद्धि राज्य की मजबूत आर्थिक नीतियों और पारदर्शी शासन का संकेत है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में भी इसी तरह के सुधारों के जरिए राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूती दी जाएगी।
यह उपलब्धि न केवल पंजाब की वित्तीय स्थिति को मजबूत करती है, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल के रूप में उभरती नजर आ रही है।

