राजनाथ सिंह ने पब्लिक एग्जामिनेशंस संशोधन विधेयक 2026 का स्वागत किया। बोले, कड़े कानून, फास्ट ट्रैक कोर्ट और सख्त कार्रवाई से पेपर लीक पर लगेगी रोक।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश की परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून पेपर लीक और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी पर प्रभावी अंकुश लगाने में अहम भूमिका निभाएगा।
परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता होगी और मजबूत
राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकसभा में विस्तृत चर्चा के बाद विधेयक का पारित होना देश के लाखों विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा की दिशा में बड़ा निर्णय है। उन्होंने इस विधेयक का समर्थन करने वाले सभी सांसदों और राजनीतिक दलों का आभार व्यक्त किया।
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पेपर लीक पर होगी सख्त कार्रवाई
उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक में पेपर लीक और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी से जुड़े मामलों के लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत दोषियों के खिलाफ सख्त सजा, विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट, समयबद्ध जांच, स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति और त्वरित अपीलीय प्रक्रिया का प्रावधान किया गया है, जिससे ऐसे मामलों का तेजी से निपटारा सुनिश्चित होगा।
युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना है। परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
Delighted that the Lok Sabha has passed the Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 after an extensive debate. This is a significant step forward towards further strengthening the integrity of India’s examination system. I thank the MPs and parties…
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) July 29, 2026
डॉ. जितेंद्र सिंह की भूमिका की सराहना
रक्षा मंत्री ने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की भी सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने लोकसभा में विधेयक के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को स्पष्ट रूप से रखा और बहस के दौरान सांसदों द्वारा उठाए गए सवालों का तथ्यात्मक एवं संतुलित जवाब दिया।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह संशोधन कानून देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही को और मजबूत करेगा तथा युवाओं का भरोसा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

