प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NDA संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में परीक्षा सुधार विधेयक, संसद सत्र और विपक्ष के विरोध पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संसद में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
बैठक का आयोजन संसद पुस्तकालय भवन स्थित जीएमसी बालायोगी सभागार में किया गया। मानसून सत्र के दौरान आयोजित इस साप्ताहिक बैठक में सरकार की आगामी रणनीति, संसद की कार्यवाही और विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
पहली बार NCPI को NDA बैठक में मिला निमंत्रण
इस बैठक की खास बात यह रही कि नवगठित नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) को पहली बार एनडीए संसदीय दल की बैठक में आमंत्रित किया गया।
एनसीपीआई में शामिल हुए कुछ पूर्व टीएमसी सांसद भी पहली बार एनडीए की इस बैठक में शामिल हुए। पार्टी के कई नेताओं के बैठक में मौजूद रहने की संभावना जताई गई, जिनमें सुदीप बंदोपाध्याय, काकोली घोष, शताब्दी रॉय, शर्मिला सरकार और मिताली बाग जैसे नाम शामिल हैं।
संसद में परीक्षा सुधार विधेयक को लेकर हंगामा
NDA की यह बैठक ऐसे समय हुई जब संसद में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर सियासी माहौल गर्म है।
केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में यह विधेयक पेश किया। हालांकि, विपक्षी सांसदों के लगातार विरोध और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई।
प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य परीक्षा में पेपर लीक और अनुचित तरीकों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए मौजूदा कानूनी व्यवस्था को और मजबूत करना है।
परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त प्रावधान
नए संशोधन प्रस्ताव में जांच और मुकदमे की प्रक्रिया को तेज करने, विशेष त्वरित न्यायालयों की व्यवस्था, विशेष कार्य बल के गठन, विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति और दोषियों के खिलाफ सख्त दंड जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके अलावा आर्थिक जुर्माने को बढ़ाने और अपील प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने का भी प्रस्ताव है।
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चर्चा के लिए युवा सांसदों को दी गई जिम्मेदारी
एनडीए ने विधेयक पर होने वाली चार घंटे की चर्चा में भाग लेने के लिए कई युवा सांसदों को आगे किया है। इनमें भाजपा सांसद बंसुरी स्वराज और तेजस्वी सूर्या के अलावा जेडीयू के आलोक कुमार सुमन, टीडीपी के लावु श्री कृष्ण देवरायलु, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, एनसीपी केNDA की यह बैठक ऐसे समय हुई है जब विपक्ष संसद में लगातार सरकार को घेर रहा है। विपक्ष परीक्षा सुधारों, छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और सुनील तटकरे, अपना दल की अनुप्रिया पटेल और एलजेपी (राम विलास) के अरुण भारती जैसे नेता शामिल हैं।
विपक्ष के विरोध के बीच NDA की रणनीति पर नजर
NDA की यह बैठक ऐसे समय हुई है जब विपक्ष संसद में लगातार सरकार को घेर रहा है। विपक्ष परीक्षा सुधारों, छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और प्रस्तावित कानून की प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठा रहा है।
20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो’ प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग रहा है।
पीएम मोदी ने पहले भी छात्रों के मुद्दे पर रखी थी सरकार की स्थिति
इससे पहले 21 जुलाई को हुई NDA संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि सरकार छात्रों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने परीक्षा पेपर लीक को राष्ट्रीय चिंता का विषय बताते हुए कहा था कि ऐसे मामलों का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।
बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि प्रधानमंत्री ने परीक्षा में अनियमितताओं से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
NDA की मंगलवार की बैठक संसद के मानसून सत्र में सरकार की रणनीति और विपक्ष के हमलों का जवाब देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

