पीएम मोदी ने कर्नाटक में श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन कर घरेलू पर्यटन, पर्यावरण और 70+ बुजुर्गों के लिए आयुष्मान योजना पर बड़ा संदेश दिया।
कर्नाटक दौरे के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आध्यात्मिक और सामाजिक विकास से जुड़े एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए मांड्या जिले के श्री क्षेत्र आदिचुंचनगिरि में स्थित श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का भव्य उद्घाटन किया। यह मंदिर श्री अदिचुंचनगिरि मठ के 71वें पीठाधीश्वर पूज्य श्री बालगंगाधरनाथ महास्वामीजी की स्मृति में बनाया गया है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए जाने जाते रहे हैं।
द्रविड़ स्थापत्य शैली में निर्मित यह मंदिर न केवल आध्यात्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक चेतना का भी प्रतीक माना जा रहा है। उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री ने पूजा-अर्चना कर देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की और इस अनुभव को अत्यंत भावुक बताया।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश के नागरिकों से ‘नौ संकल्प’ लेने का आह्वान किया, जिसमें जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, स्वच्छता, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और घरेलू पर्यटन को प्राथमिकता देना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे। उन्होंने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि देश के नागरिकों को भारत के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करनी चाहिए, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और सांस्कृतिक एकता भी बढ़ेगी। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ को अपनाने और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का भी संदेश दिया।
स्वास्थ्य क्षेत्र का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने Ayushman Bharat Yojana की सफलता पर प्रकाश डाला और बताया कि अब इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है। इससे देश के वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर और सम्मानजनक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
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उन्होंने महास्वामीजी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा स्थापित संस्थानों ने गरीब और ग्रामीण बच्चों को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान किए हैं, जिससे समाज के कमजोर वर्गों का सशक्तिकरण संभव हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री H. D. Deve Gowda के साथ मिलकर ‘सौंदर्य लहरी’ और ‘शिव महिम्ना स्तोत्रम्’ जैसी धार्मिक पुस्तकों का विमोचन भी किया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का भी उल्लेख किया और हाल ही में बने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उदाहरण देते हुए कहा कि इस तरह की परियोजनाएं देश के विकास को नई गति दे रही हैं।
कुल मिलाकर, पीएम मोदी का यह कर्नाटक दौरा केवल एक धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें विकास, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे कई महत्वपूर्ण संदेशों को भी प्रमुखता से सामने रखा गया, जो देश के समग्र विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है।

