पीएम-कुसुम योजना में राजस्थान ने 5,000 मेगावाट सौर क्षमता पार की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनुसार 3.34 लाख किसान लाभान्वित हुए और 2027 तक दिन में बिजली का लक्ष्य है।
राजस्थान ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर मौजूद और वर्चुअल माध्यम से प्रदेशभर से जुड़े पीएम-कुसुम योजना के लाभार्थी किसानों से संवाद किया। इस दौरान किसानों से योजना के अनुभव और सुझाव भी जाने गए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अन्नदाता से ऊर्जादाता’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राजस्थान ने पीएम-कुसुम योजना के तहत 5,000 मेगावाट की सौर ऊर्जा क्षमता का आंकड़ा पार कर नया रिकॉर्ड बनाया है। इस योजना से प्रदेश के करीब 3.34 लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं।
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ढाई साल में 4,943 मेगावाट सौर क्षमता स्थापित
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनुसार, वर्तमान सरकार के करीब ढाई वर्ष के कार्यकाल में राजस्थान में 4,943 मेगावाट क्षमता के सौर संयंत्र स्थापित किए गए हैं। इसके मुकाबले पिछली सरकार के कार्यकाल में केवल 123 मेगावाट क्षमता के सौर संयंत्र स्थापित हुए थे।
सरकार का कहना है कि सौर ऊर्जा के विस्तार से किसानों को सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने के साथ उनकी ऊर्जा संबंधी जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिल रही है।
26 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली
राजस्थान के 26 जिलों के किसानों को वर्तमान में दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में इस सुविधा का विस्तार करते हुए प्रदेश के सभी किसानों तक दिन में बिजली पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार 2027 तक हर अन्नदाता को दिन में निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।
आज मुख्यमंत्री निवास पर उपस्थित तथा वर्चुअल माध्यम से प्रदेशभर से जुड़े पीएम-कुसुम योजना के लाभार्थी किसान भाई-बहनों से संवाद कर उनके अनुभव एवं सुझाव को जाना।
यह उपलब्धि साझा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के ‘अन्नदाता से ऊर्जादाता’ के… pic.twitter.com/l9Gc3db2cL
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) August 18, 2026
किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
पीएम-कुसुम योजना के जरिए किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का उद्देश्य केवल बिजली की उपलब्धता बढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाना भी है। सौर संयंत्रों के विस्तार से किसानों को खेती और सिंचाई के लिए बेहतर ऊर्जा सुविधा मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार किसानों को सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है।
किसानों और ऊर्जा विभाग के कर्मचारियों को दी बधाई
मुख्यमंत्री ने पीएम-कुसुम योजना में राजस्थान की इस उपलब्धि के लिए प्रदेश के किसानों के साथ-साथ ऊर्जा विभाग और डिस्कॉम्स के कर्मचारियों को भी बधाई दी।
उन्होंने कहा कि किसानों की भागीदारी और विभागीय कर्मचारियों के प्रयासों से राजस्थान सौर ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। सरकार का प्रयास है कि आने वाले वर्षों में राजस्थान देश के प्रमुख सौर ऊर्जा राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत करे।

