मौनी रॉय ने सूरज नांबियार से अलगाव के बाद माफी और आध्यात्मिकता पर बात की। उन्होंने बताया कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए पुराने दर्द को छोड़ना जरूरी है।
टीवी और बॉलीवुड एक्ट्रेस मौनी रॉय ने अपने पति सूरज नांबियार से कथित अलगाव के बाद पहली बार माफी, भावनात्मक दर्द और आत्मिक शांति को लेकर खुलकर बात की है। एक्ट्रेस ने अपने हालिया इंटरव्यू में बताया कि जीवन के अनुभवों ने उन्हें माफ करने की सोच को कैसे बदल दिया है।
माफी को लेकर बदला नजरिया
एक इंटरव्यू में मौनी रॉय ने कहा कि कम उम्र से ही उनके लिए लोगों को माफ करना कभी कठिन नहीं रहा, लेकिन असली चुनौती उन भावनात्मक घावों को भूल पाना था जो लंबे समय तक दिल में रह जाते हैं।
उन्होंने कहा कि समय के साथ और अपनी व्यक्तिगत व आध्यात्मिक यात्रा के दौरान उन्होंने यह समझा कि माफ कर देना ही सबसे बेहतर विकल्प है। उनके अनुसार, जीवन में आगे बढ़ने के लिए पुराने दर्द को पकड़े रहना सही नहीं है।
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‘दुख छोड़ना ही सबसे बड़ी राहत’
मौनी रॉय ने कहा कि किसी भी तरह की नाराजगी या दुख को लंबे समय तक मन में रखना केवल उसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाता है जो उसे छोड़ नहीं पाता। उनके मुताबिक, अगर व्यक्ति अपने दर्द को जाने नहीं देता, तो वह मानसिक रूप से अधिक प्रभावित होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कई बार जिसने दुख दिया होता है, वह व्यक्ति आगे बढ़ चुका होता है, जबकि दूसरा व्यक्ति उसी अनुभव में उलझा रहता है।
मेडिटेशन और आध्यात्मिकता ने दी शांति
एक्ट्रेस ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में मेडिटेशन, मंत्र-जाप और आध्यात्मिक अभ्यास ने उनकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाया है। इन अनुभवों ने उन्हें रिश्तों, भावनाओं और जीवन की कठिन परिस्थितियों को नए नजरिए से देखने में मदद की है।
मौनी ने कहा कि इन प्रथाओं ने उन्हें मानसिक शांति और स्पष्टता दी है, जिससे वे जीवन की चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपट पा रही हैं।
माफ करने का मतलब नजरअंदाज करना नहीं
मौनी रॉय ने यह भी स्पष्ट किया कि माफ करना का मतलब किसी गलत व्यवहार को स्वीकार करना या उसे सही ठहराना नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के व्यवहार और उसके कर्मों में फर्क समझना जरूरी है।
उनके अनुसार, कुछ लोग अपने व्यवहार से नुकसान पहुंचा सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पूरी तरह व्यक्ति को ही बुरा कहा जाए, बल्कि उनके कर्मों को समझना महत्वपूर्ण है।

