महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक ने सत्र 2026-27 के लिए चार वर्षीय बीए अंग्रेजी पाठ्यक्रम में प्रवेश शुरू किए, विद्यार्थियों को भाषा कौशल और रोजगार आधारित शिक्षा का मिलेगा लाभ।
बदलते समय में भाषा कौशल और प्रभावी संवाद क्षमता को सफलता की सबसे बड़ी कुंजी माना जा रहा है। इसी दिशा में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक ने विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सत्र 2026-27 के लिए चार वर्षीय बीए अंग्रेजी पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय का दावा है कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं रखेगा बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर रोजगार और करियर के नए अवसरों के लिए भी तैयार करेगा।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार किया गया यह पाठ्यक्रम आधुनिक शिक्षा, तकनीकी समझ, भाषा दक्षता और व्यावसायिक कौशल को ध्यान में रखकर बनाया गया है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस प्रकार के बहुआयामी पाठ्यक्रम युवाओं के भविष्य को नई दिशा देंगे।
26 मई तक कर सकेंगे आवेदन
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार बीए अंग्रेजी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक विद्यार्थी 26 मई तक आवेदन कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय ने इस पाठ्यक्रम में सीमित सीटें निर्धारित की हैं, जिसके कारण विद्यार्थियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है ताकि विद्यार्थियों को घर बैठे आवेदन की सुविधा मिल सके।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार किया गया पाठ्यक्रम
चार वर्षीय बीए अंग्रेजी पाठ्यक्रम को नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार किया गया है। इस पाठ्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं बल्कि व्यावहारिक और रोजगार आधारित शिक्षा भी दी जाएगी।
नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न चरणों में बाहर निकलने का विकल्प, शोध आधारित अध्ययन, कौशल विकास कार्यक्रम और अन्य विषयों के अध्ययन का अवसर भी मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रणाली विद्यार्थियों को अधिक लचीली और आधुनिक शिक्षा प्रदान करेगी।
भाषा कौशल के साथ विकसित होंगे पेशेवर गुण
विश्वविद्यालय का कहना है कि इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की अंग्रेजी भाषा पर मजबूत पकड़ बनाना है ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
पाठ्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को प्रभावी संवाद क्षमता, रचनात्मक लेखन, आलोचनात्मक सोच और प्रस्तुति कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अलावा विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों की समझ और आधुनिक तकनीकों से जुड़ी जानकारी भी प्रदान की जाएगी ताकि वे बदलती दुनिया की आवश्यकताओं के अनुसार खुद को तैयार कर सकें।
रोजगार आधारित शिक्षा पर विशेष जोर
आज के समय में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं माना जाता। कंपनियां और संस्थान ऐसे युवाओं की तलाश में रहते हैं जिनके पास व्यावहारिक अनुभव और पेशेवर कौशल हो।
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने इस पाठ्यक्रम में इंटर्नशिप, परियोजना कार्य और कौशल विकास कार्यक्रमों को शामिल किया है।
इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त होगा, जो आगे चलकर नौकरी और करियर में मददगार साबित होगा।
विद्यार्थियों को मिलेंगे वैश्विक करियर के अवसर
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार अंग्रेजी भाषा की अच्छी समझ आज लगभग हर क्षेत्र में जरूरी हो चुकी है। शिक्षा, पत्रकारिता, मीडिया, पर्यटन, अनुवाद, जनसंपर्क, प्रकाशन और बहुराष्ट्रीय कंपनियों जैसे क्षेत्रों में अंग्रेजी भाषा विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है।
ऐसे में यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी करियर बनाने का अवसर प्रदान कर सकता है।
विश्वविद्यालय का मानना है कि यह कोर्स विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए तैयार करेगा और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में मदद करेगा।
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शोध और रचनात्मकता को मिलेगा बढ़ावा
चार वर्षीय संरचना के तहत विद्यार्थियों को शोध आधारित अध्ययन का अवसर भी दिया जाएगा। इससे विद्यार्थी केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि नए विषयों पर अध्ययन और अनुसंधान करने की क्षमता भी विकसित कर सकेंगे।
इसके साथ ही रचनात्मक लेखन और साहित्यिक गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति क्षमता मजबूत हो सके।
बहुविषयक शिक्षा की सुविधा
नई शिक्षा नीति के तहत तैयार इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को अन्य विषयों के अध्ययन का भी अवसर मिलेगा। इससे वे अपनी रुचि और करियर के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि बहुविषयक शिक्षा से विद्यार्थियों की सोच व्यापक होती है और वे बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को बेहतर तरीके से ढाल पाते हैं।
विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह
विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है। कई विद्यार्थियों का मानना है कि यह पाठ्यक्रम उन्हें पारंपरिक पढ़ाई से अलग आधुनिक और रोजगार आधारित शिक्षा प्रदान करेगा।
अभिभावकों का कहना है कि वर्तमान समय में ऐसे पाठ्यक्रमों की जरूरत है जो बच्चों को केवल डिग्री नहीं बल्कि वास्तविक कौशल भी प्रदान करें।
हरियाणा में उच्च शिक्षा को मिलेगी नई दिशा
शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आधुनिक पाठ्यक्रम हरियाणा में उच्च शिक्षा को नई दिशा देने का काम करेंगे। इससे राज्य के विद्यार्थी बड़े शहरों और विदेशों में मिलने वाले अवसरों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में और भी कई रोजगार आधारित पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे ताकि विद्यार्थियों को बदलती दुनिया की जरूरतों के अनुसार शिक्षा मिल सके।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया पाठ्यक्रम
आज की दुनिया तेजी से बदल रही है और हर क्षेत्र में संवाद क्षमता तथा तकनीकी समझ की मांग बढ़ रही है। ऐसे में एमडीयू का यह चार वर्षीय बीए अंग्रेजी पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि विद्यार्थी इस अवसर का सही उपयोग करते हैं तो यह पाठ्यक्रम उनके लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल करियर के कई दरवाजे खोल सकता है।

