मालवीय नगर अग्निकांड में हुई मौतों के बाद केवल एक कर्मचारी पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठे हैं। संजीव झा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सभी स्तरों पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
मालवीय नगर में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने कई लोगों की जान ले ली, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। इस गंभीर हादसे के बाद पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं, जबकि घटना की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
केवल एक कर्मचारी पर कार्रवाई को लेकर विवाद
घटना के बाद की गई शुरुआती कार्रवाई में केवल एक कर्मचारी को जिम्मेदार ठहराए जाने पर विवाद गहरा गया है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि क्या इतनी बड़ी त्रासदी केवल एक व्यक्ति की लापरवाही का परिणाम हो सकती है, या फिर इसके पीछे व्यापक स्तर पर सिस्टम की विफलता भी शामिल है।
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संजीव झा का बयान: उच्च स्तर पर भी तय हो जिम्मेदारी
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए संजीव झा ने कहा है कि यदि सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही हुई है, तो जिम्मेदारी सिर्फ निचले स्तर तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिरकार उच्च अधिकारियों और संबंधित विभागों की भूमिका की जांच कब होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसी एक व्यक्ति को बलि का बकरा बनाकर असली जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश की जा रही है, जो न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
मालवीय नगर अग्निकांड में हुई मौतें बेहद दुखद और पीड़ादायक हैं। पीड़ित परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं।
लेकिन इतनी बड़ी त्रासदी के बाद केवल एक कर्मचारी पर कार्रवाई कर मामले को खत्म करने की कोशिश कई सवाल खड़े करती है।
अगर सुरक्षा मानकों में चूक हुई थी, तो जिम्मेदारी… pic.twitter.com/2jgOlPdEeW
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) June 8, 2026
निष्पक्ष जांच की मांग तेज
संजीव झा ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए, ताकि हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की जा सके। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि सिस्टम सुधार भी जरूरी है।
जनता और पीड़ित परिवारों में नाराजगी
स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों में भी इस बात को लेकर नाराजगी है कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी नहीं दिख रही है। लोगों की मांग है कि दोषियों की पहचान केवल एक व्यक्ति तक सीमित न रहे, बल्कि पूरी प्रशासनिक लापरवाही की जांच हो।

