सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा सुधार के पुरोधा महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि पर आज पूरे देश में उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों और सरकारी आयोजनों में उनके कार्यों और विचारों को स्मरण किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि महात्मा फुले ने अपने जीवन को समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। वे न केवल एक महान समाज सुधारक थे, बल्कि महिला शिक्षा और समान अधिकारों के अग्रदूत भी थे। उनकी सोच और संघर्ष ने भारतीय समाज में नए परिवर्तन की राह प्रशस्त की।
महात्मा फुले द्वारा शिक्षा के प्रसार, जातिगत भेदभाव के उन्मूलन और महिलाओं के अधिकारों के लिए किए गए प्रयासों को आज भी सामाजिक सुधार आंदोलनों की आधारशिला माना जाता है। श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में लोगों ने उनके आदर्शों पर चलने और समाज में समानता तथा मानवता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
देशभर में आयोजित इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और महात्मा ज्योतिबा फुले के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
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— DPR Haryana (@DiprHaryana) November 28, 2025

