हरियाणा सरकार ने एचसीएस अधिकारियों की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 तक बढ़ा दी है, 40 वर्ष से अधिक आयु वाले अधिकारियों के लिए स्वास्थ्य जांच भी अनिवार्य की गई।
हरियाणा सरकार ने हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) के अधिकारियों को बड़ी राहत देते हुए वर्ष 2025-26 की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट जमा करने की समय-सीमा में एक महीने का विस्तार कर दिया है। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट अधिक व्यवस्थित और विस्तृत रूप से तैयार करने का अतिरिक्त समय मिलेगा।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब एचसीएस अधिकारी अपनी स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट 31 मई के बजाय 30 जून 2026 तक ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। सरकार ने यह कदम प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से उठाया है।
चरणबद्ध तरीके से पूरी होगी मूल्यांकन प्रक्रिया
सरकार द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार स्व-मूल्यांकन जमा होने के बाद रिपोर्टिंग प्राधिकारी को 31 अगस्त 2026 तक मूल्यांकन पूरा करना होगा। इसके बाद समीक्षा प्राधिकारी 31 अक्टूबर तक रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे, जबकि अंतिम स्वीकृति देने वाले प्राधिकारी द्वारा 31 दिसंबर 2026 तक पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बार पूरी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाएगी। इसके लिए सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और प्रशासनिक इकाइयों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दर्ज होगी एपीआर
हरियाणा सरकार ने अधिकारियों की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट राज्य के आंतरिक डिजिटल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज करने को अनिवार्य बनाया है। अधिकारियों को अपने पेयी कोड और पंजीकृत मोबाइल नंबर के जरिए पोर्टल पर प्रवेश करना होगा। सत्यापन के लिए मोबाइल पर एक बार उपयोग होने वाला सुरक्षा संकेत भेजा जाएगा।
इसके अतिरिक्त अधिकारी डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण पत्र अथवा स्कैन किए गए हस्ताक्षरों के माध्यम से भी अपनी रिपोर्ट को प्रमाणित कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि ऑनलाइन प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रक्रिया में अनावश्यक देरी कम होगी।
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40 वर्ष से अधिक आयु वाले अधिकारियों के लिए स्वास्थ्य जांच जरूरी
सरकार ने इस बार एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए 40 वर्ष से अधिक आयु वाले एचसीएस अधिकारियों के लिए स्वास्थ्य जांच को अनिवार्य कर दिया है। अधिकारियों को अपने स्व-मूल्यांकन के साथ स्वास्थ्य रिपोर्ट का सारांश भी अपलोड करना होगा।
सरकार का उद्देश्य अधिकारियों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित करना और प्रशासनिक कार्यों में उनकी कार्यक्षमता को बनाए रखना है। स्वास्थ्य जांच को प्रशासनिक दक्षता से जोड़कर देखा जा रहा है ताकि अधिकारी बेहतर कार्य प्रदर्शन कर सकें।
संख्यात्मक ग्रेडिंग प्रणाली से होगा मूल्यांकन
इस बार अधिकारियों के कार्य प्रदर्शन का मूल्यांकन 1 से 10 के पैमाने पर आधारित संख्यात्मक ग्रेडिंग प्रणाली से किया जाएगा। इसमें अधिकारियों के कार्य निष्पादन, व्यक्तिगत गुण, प्रशासनिक क्षमता और कार्यात्मक दक्षताओं का मूल्यांकन शामिल रहेगा।
सरकार का मानना है कि यह प्रणाली अधिकारियों के कार्य का अधिक निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन सुनिश्चित करेगी। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में गुणवत्ता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी।
समय-सीमा पूरी नहीं होने पर स्वतः आगे बढ़ेगी रिपोर्ट
ऑनलाइन प्रणाली में एक विशेष व्यवस्था भी लागू की गई है। यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर संबंधित अधिकारी द्वारा रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं की जाती है तो रिपोर्ट स्वतः अगले स्तर पर अग्रेषित हो जाएगी। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया लंबित नहीं रहेगी और समय पर पूरी हो सकेगी।
सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों तथा बोर्डों और निगमों के प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय हरियाणा सरकार की प्रशासनिक प्रक्रियाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऑनलाइन प्रणाली लागू होने से न केवल कागजी कार्यवाही कम होगी, बल्कि अधिकारियों के मूल्यांकन में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
इसके साथ ही स्वास्थ्य जांच को अनिवार्य बनाने से प्रशासनिक अधिकारियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। सरकार आने वाले समय में अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी इसी प्रकार डिजिटल माध्यम से संचालित करने की दिशा में काम कर रही है।
अधिकारियों को समय पर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट जमा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था की मजबूती और कार्यकुशलता बनाए रखने के लिए समयबद्ध मूल्यांकन प्रक्रिया बेहद जरूरी है।
सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक आधारित प्रणाली के जरिए प्रशासनिक कार्यों को अधिक पारदर्शी, तेज और जवाबदेह बनाया जाए ताकि आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

