पंजाब भर में आम आदमी पार्टी ने भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग के राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाया।
पंजाब में रविवार को राजनीतिक माहौल उस समय गर्म हो गया जब आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ पूरे राज्य में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को डराने और गैर-भाजपा सरकारों को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है।
पंजाब के कई जिलों में भाजपा कार्यालयों के बाहर बड़ी संख्या में आप कार्यकर्ता एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग करके राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही है।
यह विरोध प्रदर्शन होशियारपुर, पटियाला, मोहाली सहित कई जिलों में देखने को मिला, जहां कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जताया। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने और संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाया।
प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने कहा कि भाजपा उन सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को दबाने की कोशिश कर रही है जो उसके सामने झुकने से इनकार करते हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में लगातार बढ़ रही आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता से भाजपा घबराई हुई है और इसी कारण राज्य को अस्थिर करने की कोशिशें की जा रही हैं।
होशियारपुर में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका और भाजपा की नीतियों को लोकतंत्र विरोधी बताया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंजाब का इतिहास अन्याय और दमन के खिलाफ खड़े होने का रहा है और राज्य के लोग किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं।
पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी संस्थाओं को राजनीतिक हथियार में बदल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी भाजपा को राजनीतिक चुनौती मिलती है, वह विपक्षी नेताओं के खिलाफ जांच एजेंसियों का इस्तेमाल शुरू कर देती है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पहले पश्चिम बंगाल में इसी तरह की कार्रवाई की गई और अब पंजाब को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा पंजाब में इसलिए सक्रिय हुई है क्योंकि वह भगवंत मान सरकार की लोकप्रियता और जनहित में किए जा रहे कार्यों को स्वीकार नहीं कर पा रही है।
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उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग यह देख रहे हैं कि किस प्रकार संवैधानिक संस्थाओं का उपयोग राजनीतिक बदले की भावना से किया जा रहा है। चीमा ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को कमजोर करने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल करना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।
पटियाला में हुए प्रदर्शन का नेतृत्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने किया। उन्होंने भाजपा की राजनीति को “डर और दबाव की राजनीति” बताते हुए कहा कि पंजाब को केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई से डराया नहीं जा सकता।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि जब आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार के सामने झुकने से इनकार किया तो पहले राज्यसभा सदस्यों को निशाना बनाया गया और बाद में कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई। उन्होंने कहा कि भाजपा को लगा कि ईडी और सीबीआई की कार्रवाई से पंजाब के लोग डर जाएंगे, लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि पंजाबियों का इतिहास जुल्म और अन्याय के खिलाफ संघर्ष का रहा है और आज भी लोग लोकतंत्र की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े हैं। डॉ. बलबीर सिंह ने दावा किया कि भाजपा केवल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही है जबकि उसके अपने नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।
उन्होंने राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा में शामिल होने के बाद उनके खिलाफ चल रही जांच अचानक शांत हो गई। डॉ. बलबीर सिंह ने सवाल उठाया कि यदि जांच निष्पक्ष थी तो भाजपा में शामिल होने के बाद कार्रवाई क्यों रुक गई।
मोहाली और अन्य जिलों में भी आप कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि केंद्र सरकार इसी तरह एजेंसियों का दुरुपयोग करती रही तो लोग सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र की रक्षा करेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में लगातार बढ़ते राजनीतिक टकराव ने राज्य की राजनीति को नई दिशा दे दी है। एक ओर आम आदमी पार्टी केंद्र सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बता रही है।
आम आदमी पार्टी के नेताओं ने दावा किया कि पंजाब की जनता अब केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल के पीछे की राजनीति को समझने लगी है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट हैं।
प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं ने कहा कि पंजाब को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की किसी भी कोशिश का करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल उन राज्यों में एजेंसियों को सक्रिय करती है जहां उसकी सरकार नहीं है।
आप नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और जनता की आवाज का सम्मान भी जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है।
पार्टी नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में यदि राजनीतिक दबाव और एजेंसियों के दुरुपयोग की घटनाएं जारी रहीं तो विरोध प्रदर्शन और तेज किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता राज्यभर में जनता के बीच जाकर इस मुद्दे को उठाएंगे।
विरोध प्रदर्शन के अंत में नेताओं ने कहा कि पंजाब की धरती ने हमेशा अन्याय और तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाई है और इस बार भी लोग लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े रहेंगे।

