हरियाणा में गांवों के समग्र और संतुलित विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने महाग्राम महायोजना के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस योजना के अंतर्गत चयनित प्रत्येक गांव की वर्तमान स्थिति का गहन आकलन किया जाए और उसी के आधार पर ग्राम विकास प्लान तैयार किया जाए, ताकि गांवों में शहरों जैसी आधुनिक और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाग्राम महायोजना का उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचा विकसित करना नहीं, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर, सुव्यवस्थित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। इसके लिए आवश्यक है कि योजनाएं कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू हों। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना निर्माण के दौरान गांव की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, सामाजिक संरचना और भविष्य में होने वाले विस्तार को ध्यान में रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पंचायत भूमि की पहचान पर जोर देते हुए कहा कि विकास कार्यों के लिए उपलब्ध पंचायत भूमि का समुचित और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम विकास प्लान तैयार करने से पहले ग्राम सभा और ग्रामीणों से व्यापक परामर्श किया जाए, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को सही ढंग से समझा जा सके। इससे न केवल योजनाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि ग्रामीणों की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।
महाग्राम महायोजना के तहत गांवों में सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, हरित क्षेत्र और डिजिटल सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को इस तरह विकसित किया जाए कि ग्रामीणों को बेहतर जीवन स्तर के लिए शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। रोजगार सृजन, कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाले प्रावधानों को भी ग्राम विकास प्लान का अहम हिस्सा बनाया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो। समयबद्ध तरीके से कार्य पूरे किए जाएं और उनकी नियमित निगरानी की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाग्राम महायोजना के सफल क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का स्तर सुधरेगा और गांव विकास की नई मिसाल बनेंगे।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि महाग्राम महायोजना हरियाणा के ग्रामीण विकास की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। यदि इसे सही योजना, जनभागीदारी और पारदर्शिता के साथ लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में राज्य के गांव आधुनिक, सशक्त और आत्मनिर्भर बनकर उभरेंगे।

