हरियाणा में केएमपी एक्सप्रेसवे के आसपास 5 नए शहर और IMT विकसित होंगे, उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया विकसित भारत-2047 का गेटवे।
हरियाणा में औद्योगिक और शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए कुंडली-मानेसर-पलवल यानी केएमपी एक्सप्रेसवे को एक बड़े बदलाव के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि लगभग 135 किलोमीटर लंबा केएमपी एक्सप्रेसवे आने वाले वर्षों में ‘विकसित भारत-2047’ के विज़न को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा और यह क्षेत्र औद्योगिक निवेश और आधुनिक शहरीकरण का प्रमुख हब बनेगा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2031 की संभावित जनसंख्या और बढ़ते शहरी दबाव को ध्यान में रखते हुए सरकार ने केएमपी एक्सप्रेसवे के दोनों ओर 5 नए शहर विकसित करने की योजना बनाई है, जिसके लिए पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। इन शहरों को सिंगापुर मॉडल के आधार पर विकसित किया जाएगा, जहां अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्धारित ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की अहम भूमिका है और केएमपी एक्सप्रेसवे इस क्षेत्र को मजबूत कनेक्टिविटी और औद्योगिक आधार प्रदान करेगा। इसी उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने अपनी औद्योगिक नीति में कई सुधार किए हैं, ताकि निवेश को आकर्षित किया जा सके और रोजगार के अधिक अवसर पैदा हों।
उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (HSIIDC) का लक्ष्य केवल राजस्व अर्जन नहीं, बल्कि उद्योगों को बेहतर सुविधाएं और अनुकूल वातावरण प्रदान करना है। इसके तहत उद्योगपतियों को तेज सेवाएं, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा वर्ष 2030 तक 10 नई इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) स्थापित करने की घोषणा की गई थी, जिनमें से 5 को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और उनका विकास कार्य तेजी से चल रहा है। प्रस्तावित IMT में से 3 राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में विकसित की जाएंगी, जिनका केंद्र केएमपी एक्सप्रेसवे होगा।
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उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा पहले ही हरित क्रांति का अग्रदूत रहा है और अब गुरुग्राम जैसे शहर को आईटी हब के रूप में विकसित कर वैश्विक स्तर पर पहचान बना चुका है। आने वाले समय में जब नई इंडस्ट्रियल टाउनशिप और स्मार्ट शहर विकसित होंगे, तो हरियाणा देश की औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करने की दिशा में और मजबूत होगा।
भौगोलिक दृष्टि से हरियाणा का दिल्ली से तीन ओर से जुड़ाव और आईजीआई एयरपोर्ट तथा जेवर एयरपोर्ट की निकटता इसे निवेश के लिए और अधिक आकर्षक बनाती है। लगभग 30 मिनट की दूरी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों तक पहुंच की सुविधा विदेशी निवेशकों के लिए एक बड़ा लाभ है।
सरकार का मानना है कि केएमपी एक्सप्रेसवे के इर्द-गिर्द विकसित होने वाले नए शहर और औद्योगिक क्षेत्र न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे, बल्कि दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते जनसंख्या दबाव को भी कम करने में सहायक साबित होंगे। यह परियोजना हरियाणा को औद्योगिक, आर्थिक और शहरी विकास के एक नए युग में प्रवेश कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।

