अभिनेता प्रकाश राज के खिलाफ रामायण पर कथित विवादित टिप्पणी को लेकर शिकायतें दर्ज, धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप।
फिल्म अभिनेता प्रकाश राज एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं, जहां उनके खिलाफ रामायण से जुड़ी कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर कानूनी शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। यह विवाद तब सामने आया जब तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के बोर्ड सदस्य और भाजपा नेता भानु प्रकाश ने अभिनेता पर “मानहानिकारक और दुर्भावनापूर्ण टिप्पणियां” करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इन बयानों के जरिए रामायण की गलत व्याख्या की गई और हिंदू आस्थाओं का अनादर हुआ है।
भानु प्रकाश ने संबंधित अधिकारियों से न केवल प्रकाश राज के खिलाफ बल्कि उन लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने कथित तौर पर इन बयानों का समर्थन या प्रोत्साहन किया। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की टिप्पणियां सामाजिक और सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए इस मामले में सख्त कदम उठाना जरूरी है।
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यह पूरा विवाद जनवरी में केरल लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान प्रकाश राज के एक सत्र से जुड़ा है। इस कार्यक्रम में उन्होंने एक बच्चों के थिएटर प्रदर्शन का जिक्र किया था, जिसमें भगवान राम, लक्ष्मण, रावण और शूर्पणखा जैसे पात्रों को आधुनिक और व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया गया था। बताया जा रहा है कि इस प्रस्तुति में फलों, भुगतान और GST जैसे संदर्भों का इस्तेमाल हास्य के रूप में किया गया था। इस बयान के कुछ वीडियो क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके बाद कई लोगों ने इस पर आपत्ति जताई।
मामले ने और तूल तब पकड़ा जब 16 अप्रैल को अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने एक अलग शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने खुद को एक आस्थावान हिंदू बताते हुए आरोप लगाया कि अभिनेता की टिप्पणियां जानबूझकर की गईं और इससे उनकी धार्मिक भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू देवी-देवताओं और सनातन धर्म का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
वर्तमान में संबंधित प्राधिकरण इन शिकायतों की समीक्षा कर रहे हैं और मामले की जांच जारी है। अभी तक इस पूरे विवाद पर प्रकाश राज की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस घटना ने एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन को लेकर बहस को तेज कर दिया है।

