खटीमा के नगला तराई में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खेत में कृषि कार्य कर किसानों के परिश्रम को नमन किया और उन्हें देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ बताया।
उत्तराखंड के खटीमा स्थित नगला तराई क्षेत्र में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने खेत में कृषि कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लिया। इस दौरान उन्होंने खेत की जुताई और खाद डालने जैसी गतिविधियों में शामिल होकर किसानों के जीवन, उनकी मेहनत और संघर्ष को करीब से अनुभव किया।
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किसानों के परिश्रम से जुड़े अनुभव साझा किए
कृषि कार्य करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खेतों में काम करने वाले किसान कठिन परिश्रम, समर्पण और त्याग का प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्हें अपने जीवन के शुरुआती दौर के सरल और संघर्षपूर्ण दिन भी याद आ गए, जो आज भी उन्हें प्रेरणा देते हैं।
खटीमा के नगला तराई में आज माता जी के साथ अपने खेत में कृषि कार्यों में सहभागिता की। खेत की जुताई एवं खाद डालते हुए किसानों के अथक परिश्रम, समर्पण और त्याग को निकटता से अनुभव किया। इस दौरान जीवन के वे सरल, संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायी दिन भी स्मृतियों में पुनः जीवंत हो उठे।
हमारे… pic.twitter.com/KFFbcBzTT6
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 15, 2026
अन्नदाता को बताया देश की रीढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के अन्नदाता किसान केवल देश की खाद्य सुरक्षा की नींव नहीं हैं, बल्कि वे भारतीय संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन मूल्यों के सच्चे संवाहक भी हैं। उनके अनुसार, किसानों का योगदान राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय है।
किसानों के योगदान को किया नमन
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किसानों के अथक परिश्रम और समर्पण को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार किसानों के कल्याण और उनकी समृद्धि के लिए लगातार कार्य कर रही है।

