संत कबीर कुटीर में इंडो-कनाडा चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, कृषि, स्वास्थ्य, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्मार्ट गवर्नेंस पर सहयोग को लेकर चर्चा हुई।
प्रवासी भारतीय समुदाय को देश और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए कहा गया कि भारतीय डायस्पोरा न केवल आर्थिक मजबूती में योगदान देता है बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान को भी सशक्त बनाता है।
इसी क्रम में संत कबीर कुटीर में इंडो-कनाडा चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधिमंडल के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दोनों पक्षों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। इन क्षेत्रों में साझा प्रयासों के माध्यम से विकास को गति देने और नई संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट गवर्नेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी गहन चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इन क्षेत्रों में तकनीकी साझेदारी और ज्ञान के आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
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बैठक के दौरान यह भी कहा गया कि प्रवासी भारतीय समुदाय देश और राज्यों के आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विदेशों में बसे भारतीय न केवल निवेश और व्यापार को बढ़ावा देते हैं बल्कि शिक्षा, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
इस मुलाकात को भारत और कनाडा के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उम्मीद जताई गई कि भविष्य में इस तरह की साझेदारियां विभिन्न क्षेत्रों में विकास और नवाचार को नई दिशा देंगी।

