हरियाणा सरकार ने NVHCP के तहत वायरल हेपेटाइटिस निगरानी तंत्र को मजबूत करते हुए डिजिटल रजिस्ट्री और सभी सरकारी-निजी संस्थानों के लिए साप्ताहिक रिपोर्टिंग अनिवार्य की।
हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (NVHCP) के तहत राज्य में वायरल हेपेटाइटिस की निगरानी, रिपोर्टिंग और उपचार मॉनिटरिंग प्रणाली को व्यापक और परिणाम-आधारित बनाने का फैसला किया है।
स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव Sumita Mishra ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत सरकारी और निजी दोनों स्वास्थ्य संस्थानों के लिए साप्ताहिक रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी।
📊 साप्ताहिक रिपोर्टिंग और जवाबदेही
हेपेटाइटिस-बी और सी अधिसूचित रोग हैं। अब सभी सरकारी-निजी अस्पताल, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक लैब को पॉजिटिव मामलों की साप्ताहिक रिपोर्ट तय प्रारूप में देनी होगी। रिपोर्टिंग में लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।
💻 विकसित होगी डिजिटल हेपेटाइटिस रजिस्ट्री
स्वास्थ्य विभाग एक इन-हाउस राज्य डिजिटल हेपेटाइटिस रजिस्ट्री विकसित करेगा, जिसमें मरीजों की आयु, लिंग, जिला, जोखिम कारक और उपचार की स्थिति दर्ज होगी।
विशेष ध्यान हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग पर रहेगा, ताकि नवजात को 24 घंटे के भीतर बर्थ डोज और HBIG उपलब्ध कराया जा सके।
यह रजिस्ट्री एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) से जोड़ी जाएगी, जिससे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की समय पर पहचान संभव होगी।
🔗 डिजिटल प्लेटफॉर्म का एकीकरण
NVHCP MIS, HMIS, RCH पोर्टल, इंटीग्रेटेड हेल्थ इन्फॉर्मेशन प्लेटफॉर्म और U-WIN जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का समन्वित एकीकरण किया जाएगा, ताकि स्क्रीनिंग, टीकाकरण और उपचार डाटा एक जगह उपलब्ध हो सके।
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🏥 राष्ट्रीय कार्यक्रमों से अभिसरण
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पहली एएनसी विजिट पर गर्भवती महिलाओं की अनिवार्य जांच
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ICTC, ART और OST केंद्रों पर उच्च जोखिम समूहों की स्क्रीनिंग
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रक्तदाताओं की काउंसलिंग और फॉलो-अप
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टीबी सह-संक्रमित मरीजों की वायरल लोड जांच
🎯 मापनीय परिणामों पर फोकस
अब जिला स्तर पर प्रदर्शन का आकलन समय पर उपचार, बर्थ डोज अनुपालन, उच्च जोखिम समूह कवरेज और शून्य फॉलो-अप हानि जैसे संकेतकों के आधार पर किया जाएगा।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि निगरानी-आधारित और डेटा-समर्थित प्रणाली से ही वायरल हेपेटाइटिस को सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने की दिशा में प्रभावी प्रगति संभव होगी।

