हरियाणा विधानसभा में प्राकृतिक खेती पर विशेष सत्र, अध्यक्ष हरविंदर कल्याण और विपक्ष ने इसे समय की जरूरत बताया।
हरियाणा विधानसभा में प्राकृतिक खेती को लेकर आयोजित विशेष व्याख्यान में इस विषय को किसानों और पर्यावरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया गया। विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने कहा कि प्राकृतिक खेती आज की जरूरत है और इसे जनप्रतिनिधियों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाना जरूरी है।
प्राकृतिक खेती समय की मांग
अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने कहा कि हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्य में प्राकृतिक खेती का महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने चिंता जताई कि
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भूजल स्तर लगातार गिर रहा है
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धान-गेहूं आधारित खेती से जल संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है
ऐसे में प्राकृतिक खेती ही एक संतुलित और टिकाऊ समाधान बन सकती है।
आचार्य देवव्रत के प्रयासों की सराहना
उन्होंने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे देशभर में प्राकृतिक खेती को जन आंदोलन बनाने का कार्य कर रहे हैं।
कल्याण ने बताया कि गुजरात दौरे के दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती के मॉडल को करीब से देखा, जिसके बाद उन्हें हरियाणा विधानसभा में आमंत्रित किया गया।
विधायकों ने दिखाई रुचि
विशेष व्याख्यान के दौरान विधायकों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई और प्राकृतिक खेती से जुड़े सवाल पूछे। आचार्य देवव्रत ने इनका विस्तार से उत्तर देते हुए वैज्ञानिक और व्यावहारिक पहलुओं को स्पष्ट किया।
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किसानों तक पहुंचेगा संदेश
अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्राकृतिक खेती का संदेश गांव-गांव तक पहुंचेगा और किसान इसे अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। इससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और टिकाऊ विकास का रास्ता खुलेगा।
विपक्ष का भी समर्थन
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी प्राकृतिक खेती को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह केवल खेती का विषय नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य से भी जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि:
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रासायनिक खेती से बीमारियां बढ़ रही हैं
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प्राकृतिक खेती अपनाना समय की जरूरत है
साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना भी जरूरी है, ताकि वे इस दिशा में आगे बढ़ सकें।
निष्कर्ष
हरियाणा विधानसभा में आयोजित यह विशेष सत्र प्राकृतिक खेती को लेकर व्यापक जागरूकता फैलाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। सरकार और विपक्ष दोनों के समर्थन से यह पहल किसानों और पर्यावरण के लिए सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

