हरियाणा सरकार ने पीएम श्री योजना के तहत राज्य के स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दो साल तक प्रति स्कूल 2 करोड़ रुपये देने और एचसीएस अधिकारियों को स्कूल गोद लेने का फैसला किया।
हरियाणा में स्कूली शिक्षा को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पीएम श्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) योजना के तहत राज्य के प्रत्येक पीएम श्री स्कूल को दो वर्षों तक 2-2 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी, जिससे स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक सुविधाओं को मजबूत किया जा सके।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार को इस योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर उपायुक्त और अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में समितियां गठित की जाएं। ये समितियां स्कूलों का दौरा कर वहां के बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक जरूरतों का आकलन करेंगी और प्राथमिकता के आधार पर कार्यों की पहचान करेंगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पीएम श्री स्कूलों में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए। साथ ही जिलों में तैनात एचसीएस अधिकारी कम से कम एक पीएम श्री स्कूल को गोद लें और उसकी निगरानी व मार्गदर्शन की जिम्मेदारी निभाएं, ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
उत्कृष्ट स्कूलों को मिलेगा सम्मान
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के सर्वश्रेष्ठ तीन पीएम श्री स्कूलों और तीन मॉडल संस्कृति स्कूलों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान शैक्षणिक उपलब्धियों, बुनियादी ढांचे के विकास और नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों के आधार पर दिया जाएगा। इसके लिए जिला और मंडल स्तर पर चयन समितियां गठित की जाएंगी।
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राज्य में 250 पीएम श्री स्कूल चयनित
हरियाणा में विभिन्न चरणों में कुल 250 पीएम श्री स्कूलों का चयन किया गया है। इनमें
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पहले चरण में 124 स्कूल,
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दूसरे चरण में 111 स्कूल,
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तीसरे चरण में 6 स्कूल,
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और पांचवें चरण में 9 स्कूल शामिल हैं।
राज्य के 143 विकास खंडों में से 137 खंड इस योजना के अंतर्गत कवर किए जा चुके हैं।
ग्रीन और स्मार्ट स्कूल बनाए जा रहे
इन स्कूलों को ग्रीन स्कूल मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें सौर ऊर्जा संयंत्र, एलईडी लाइटिंग, जल संरक्षण प्रणाली, पोषण वाटिका, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और प्लास्टिक मुक्त परिसर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
इसके साथ ही स्मार्ट कक्षाएं, डिजिटल शिक्षण उपकरण और अनुभव आधारित शिक्षण पद्धतियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक और छात्र-केंद्रित शिक्षा मिल सके।
रोजगार से जुड़ेंगी शिक्षा सुविधाएं
सरकार पीएम श्री स्कूलों को सेक्टर स्किल काउंसिल और स्थानीय उद्योगों से जोड़ने की दिशा में भी काम कर रही है। इसका उद्देश्य छात्रों को भविष्य की रोजगार संभावनाओं के लिए तैयार करना है, ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल भी हासिल कर सकें।
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के संयुक्त राज्य परियोजना निदेशक मयंक वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
