हरियाणा सरकार की गन्नौर अंतरराष्ट्रीय बागवानी बाजार परियोजना किसानों को आधुनिक सुविधाएं और वैश्विक स्तर पर अपने उत्पाद बेचने का अवसर प्रदान करेगी।
हरियाणा सरकार राज्य के किसानों को आधुनिक कृषि सुविधाएं और वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में सोनीपत जिले के गन्नौर में विकसित की जा रही अंतरराष्ट्रीय बागवानी बाजार परियोजना को राज्य सरकार ने किसानों के भविष्य के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताया है। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि यह परियोजना हरियाणा के बागवानी क्षेत्र को नई पहचान देने के साथ-साथ किसानों को अपने उत्पाद सीधे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करेगी।
कृषि मंत्री ने यह बात हरियाणा निवास में आयोजित हरियाणा अंतरराष्ट्रीय बागवानी विपणन निगम लिमिटेड के निदेशक मंडल की 37वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में परियोजना के संचालन, विकास और आगे की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि गन्नौर में विकसित किया जा रहा यह आधुनिक बाजार किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। यहां किसानों को उत्पादों की बेहतर कीमत, आधुनिक भंडारण सुविधाएं, उन्नत परिवहन व्यवस्था और व्यापार के लिए अत्याधुनिक मंच उपलब्ध कराया जाएगा। इससे राज्य के बागवानी उत्पादों को देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी।
बैठक में कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक मुकेश कुमार आहूजा, बागवानी विभाग के महानिदेशक रणबीर सिंह, कृषि विभाग के महानिदेशक राजनारायण कौशिक, निगम के प्रबंध निदेशक अनीश यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से गन्नौर अंतरराष्ट्रीय बागवानी बाजार के संचालन और प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
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बैठक में लेनदेन सलाहकार और परामर्शदाता के चयन से जुड़े प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया। निदेशक मंडल ने एकीकृत परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निविदा प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की, ताकि परियोजना से संबंधित आगे की प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा सके।
इसके अलावा परियोजना से जुड़े अभियंत्रण कार्यों की निगरानी कर रही संस्था के अनुबंध को दिसंबर 2026 तक बढ़ाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। अधिकारियों का कहना है कि इससे निर्माण और संचालन कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी तथा परियोजना तय समय सीमा के भीतर पूरी हो सकेगी।
बैठक में परियोजना के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए दंड स्थगन से संबंधित प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। विस्तृत विचार-विमर्श के बाद इसे भी मंजूरी प्रदान की गई, ताकि परियोजना की गति प्रभावित न हो और कार्य समय पर पूरे किए जा सकें।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए और इसे किसानों तथा व्यापारियों के लिए विश्वस्तरीय बाजार के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गन्नौर अंतरराष्ट्रीय बागवानी बाजार शुरू होने के बाद हरियाणा के किसानों को पारंपरिक मंडियों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी और उन्हें सीधे बड़े व्यापारिक मंचों तक पहुंच मिलेगी। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।
राज्य सरकार का लक्ष्य इस परियोजना को केवल व्यापारिक केंद्र तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि इसे कृषि, भंडारण, प्रसंस्करण और निर्यात से जुड़े एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करना है। इससे न केवल किसानों को लाभ मिलेगा बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी मजबूती मिलेगी।
गन्नौर परियोजना को हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल किया जा रहा है और इसे राज्य के कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव का आधार माना जा रहा है। आने वाले समय में यह परियोजना हरियाणा को बागवानी और कृषि व्यापार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

