हरियाणा में नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयुक्त ने अधिकारियों को आचार संहिता का सख्ती से पालन कराने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।
हरियाणा में आगामी नगर निगम, नगर परिषद और नगर समितियों के चुनावों को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।
चंडीगढ़ से जारी निर्देशों के तहत आयुक्त ने सोनीपत और रेवाड़ी जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें चुनावी तैयारियों का विस्तार से आकलन किया गया। बैठक में उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है और इसकी निष्पक्षता, पारदर्शिता और शांति बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर उन्हें आचार संहिता के नियमों की पूरी जानकारी दी जाए और हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
मतदाताओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आयुक्त ने प्रत्येक मतदान केंद्र पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने हेल्प डेस्क स्थापित करने, स्पष्ट संकेतक लगाने और वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों तथा महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उनका कहना था कि चुनाव केवल प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र का उत्सव है और इसमें हर मतदाता की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आयुक्त ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश सीमा से लगते क्षेत्रों में पुलिस निगरानी बढ़ाने और 24 घंटे नाकेबंदी करने के निर्देश दिए, ताकि अवैध शराब, नकदी या अन्य प्रलोभनों के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिशों को रोका जा सके। इसके अलावा मतदान से पहले निर्धारित अवधि में शराब की बिक्री और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात भी कही गई।
राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करते हुए आयुक्त ने कहा कि जाति, धर्म या भाषा के आधार पर वोट मांगना पूरी तरह प्रतिबंधित है। धार्मिक स्थलों का चुनाव प्रचार में उपयोग करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रैलियों और सभाओं के आयोजन के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा और चुनाव प्रचार के दौरान व्यक्तिगत आरोप या भ्रामक जानकारी फैलाने से बचना होगा।
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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मतदान से 48 घंटे पहले किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सभा या प्रचार गतिविधि पर प्रतिबंध रहेगा और मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में प्रचार पूरी तरह निषिद्ध होगा। इसके अलावा, निजी संपत्तियों पर बिना अनुमति पोस्टर या बैनर लगाने पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी कड़े निर्देश देते हुए कहा गया कि वे किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार के पक्ष में कार्य नहीं करेंगे। सरकारी संसाधनों का चुनाव प्रचार में उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और इस दौरान नई योजनाओं की घोषणा या उद्घाटन पर रोक रहेगी।
आयुक्त ने सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि फेक न्यूज और भ्रामक प्रचार को समय रहते रोका जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत या आचार संहिता उल्लंघन की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाए और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने में कोई ढिलाई न बरती जाए।
कुल मिलाकर, हरियाणा में नगर निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है और राज्य निर्वाचन आयोग चुनावों को पारदर्शी, शांतिपूर्ण और मतदाता अनुकूल बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।

