CM नायब सिंह सैनी ने कहा हरियाणा की खेल नीति से राज्य बना पावर हाउस, युवाओं को नशा मुक्त भारत अभियान की शपथ दिलाई।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य की खेल नीति और युवाओं को खेलों से जोड़ने के प्रयासों को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि हरियाणा आज अपनी उत्कृष्ट खेल नीति के कारण देश में “खेलों का पावर हाउस” बन चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि जहां हरियाणा खेलों में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है, वहीं पड़ोसी राज्य पंजाब नशे की समस्या से जूझ रहा है।
मुख्यमंत्री यह बातें चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्थित स्टेडियम में आयोजित एलेंजर्स गली क्रिकेट टूर्नामेंट सीजन-4 के उद्घाटन अवसर पर संबोधित करते हुए कही। इस दौरान उन्होंने युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने और नशे से दूर रखने के उद्देश्य से “बल्ला घुमाओ-नशा भगाओ” थीम की सराहना की और खुद बल्ला चलाकर इसका प्रतीकात्मक संदेश भी दिया। कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं को “नशा मुक्त भारत अभियान” की शपथ भी दिलाई गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में हरियाणा सरकार ने खेलों के विकास पर लगभग 1000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस निवेश का परिणाम यह है कि राज्य के खिलाड़ियों ने ओलंपिक, पैरालंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने 2026-27 के बजट में भी खेल सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण के लिए विशेष प्रावधान किए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित “ओलंपिक 2036” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हरियाणा ने अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दी है। राज्य का उद्देश्य हर बच्चे को खेल से जोड़ना, हर गांव में खेल मैदान विकसित करना और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें 6 करोड़ रुपये तक के नकद पुरस्कार और सरकारी नौकरियां प्रदान कर रही है। इसके साथ ही ‘हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021’ लागू किए गए हैं, जिसके तहत 550 नए पद सृजित किए गए हैं और अब तक 231 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
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खिलाड़ियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पंचकूला के ताऊ देवीलाल खेल परिसर में एक आधुनिक रिहैबिलिटेशन सेंटर भी स्थापित किया गया है, जहां चोटिल खिलाड़ियों का इलाज और रिकवरी सुनिश्चित की जाती है। इसके अलावा, वर्ष 2014-15 से अब तक लगभग 24 हजार छात्र खिलाड़ियों को 70 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी जा चुकी है, जिससे युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने में मदद मिली है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहकर खेलों को अपनाएं और अनुशासन, समर्पण व खेल भावना को जीवन में उतारें। उन्होंने कहा कि जब युवा सही दिशा में आगे बढ़ते हैं, तभी देश का भविष्य मजबूत होता है।
इस कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे, जिनमें खेल और प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल थे।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार का यह संदेश साफ है कि राज्य खेलों के जरिए न केवल युवाओं को नई दिशा देना चाहता है, बल्कि नशा मुक्त समाज का निर्माण भी उसकी प्राथमिकता में शामिल है।

